Gurgaon
गुरुग्राम शहर जो आज तक गुड़गांव के नाम से प्रसिद्ध था । हरियाणा में निर्वाचित हुए नए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुड़गांव के नाम का बदलाव किया । इस परिवर्तन का वाजिब कारण गुरुग्राम नाम से होने वाली प्रगति है । वर्तमान में गुड़गांव व्यवसाय का केंद्र बन कर उभर आया है । 27 सितम्बर , 2016 को मनोहर लाल खट्टर जी ने ये नाम कानूनी तौर पर निर्धारित किया। गुरुग्राम भारत के हरियाणा राज्य का छठवां सबसे बड़ा शहर माना जाता है । व्यापार की दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यंत प्रगतिशील है ।
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Reference data & background — source: Census 2011 & editorial notes, may be outdated
गुरुग्राम शहर जो आज तक गुड़गांव के नाम से प्रसिद्ध था । हरियाणा में निर्वाचित हुए नए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुड़गांव के नाम का बदलाव किया । इस परिवर्तन का वाजिब कारण गुरुग्राम नाम से होने वाली प्रगति है । वर्तमान में गुड़गांव व्यवसाय का केंद्र बन कर उभर आया है । 27 सितम्बर , 2016 को मनोहर लाल खट्टर जी ने ये नाम कानूनी तौर पर निर्धारित किया।
गुरुग्राम भारत के हरियाणा राज्य का छठवां सबसे बड़ा शहर माना जाता है । व्यापार
की दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यंत प्रगतिशील है । गुरुग्राम अर्थव्यवस्था की दृष्टि मुंबई
एवं दिल्ली के बाद तीसरा स्थान रखता है । पूर्व 25 वर्षों में गुड़गांव ने अधिक प्रगति
की है , जिसके फलस्वरूप ही गुरुग्राम भारत के नक्शे में स्थान प्राप्त कर पाया है।
गुरुग्राम का इतिहास –
हरियाणा का मान्यता प्राप्त होने के पश्चात देश की राजधानी दिल्ली का भाग माना जाता है । वास्तविकता में यह क्षेत्र हरियाणा राज्य का माना जाता है । यह दिल्ली से ३२ किमी. दक्षिण-पश्चिम में स्थित है ।
गुरुग्राम का इतिहास काफी बरसों पुराना है । गुड़गांव को गुरु द्रोणाचार्य का गांव
माना जाता है । जलालुद्दीन अकबर के समय में गुरुग्राम शहर दिल्ली / आगरा सल्तनत के अंतर्गत आता है । सन 1803 में अंग्रेजी सरकार के समय में सुरजी
अर्जुनगून और सिंधिया के शासन के अधीन हो गया । वर्ष 1836 में शासन नीति में परिवर्तन
निहित किया गया ।
वर्ष 1857 में
उत्तर पश्चिम में गुरुग्राम को पंजाब सरकार के अधीनस्थ कर दिया गया । वर्ष 1861 में
5 तहसील जिनमें गुङगाँव , फीरोजाबाद , झिरका , नूह , पलवल , रेवार को शामिल करने के साथ ही पंजाब प्रदेश में शामिल किया गया । 1966 में इसे
हरियाणा क्षेत्र में मान्यता प्रदान की गई ।
जनसंख्या एवं नगर निगम क्षेत्र -
गुरुग्राम के सभी नीतियां हरियाणा अर्बन डेवलपमेन्ट अथॉरिटी कार्य करती है ।यह
क्षेत्र गुरुग्राम में जनसंख्या का स्तर 876,824 है । दिल्ली के दक्षिण पूर्व क्षेत्र में पूर्व गुड़गांव स्थित है । इस क्षेत्र
का भूमिगत क्षेत्रफल 738.8 वर्ग किलोमीटर तक फैला है । गुरुग्राम
के आसपास 36 अन्य पड़ोसी वार्ड स्थित हैं । मधु आजाद गुरुग्राम की पहली महिला मेयर पद पर कार्यान्वित
हैं । गुरुग्राम के आईपीएस ऑफिसर संदीप खिरवार हैं ।
भाषा का महत्व -
गुरुग्राम , हरियाणा एवं दिल्ली के मध्य का क्षेत्र
है । यहाँ हरियाणवी भाषा का अत्यधिक महत्व है , लेकिन उतने ही हिंदी भाषी भी निवास
करते हैं । हिंदी , इंग्लिश , पंजाबी , हारियनवी , मेवाती भाषा का भी विशेष महत्व है ।एरिया कोड 0124 से शुरू होता है । गुरुग्राम
के नगर निगम का 876824 है ।
गुरुग्राम की अर्थव्यवस्था -
दिल्ली और मुंबई
के बाद आर्थिक रूप से सशक्त स्थान गुरुग्राम तीसरा सर्वाधिक पर-कैपिटा आमदनी वाला क्षेत्र है । गुरुग्राम
में अंतरराष्ट्रीय कंपनियां जैसे पैप्सी , कोकाकोला , बीएमडब्ल्यू , हुंडई जैसी कंपनी का व्यापार विस्तृत रूप से फैला है । गुरुग्राम , हरियाणा राज्य में सबसे ज्यादा आर्थिक मजबूती वाला शहर है । यहां पर 26 मॉल भी
बने हैं, जो कि घूमने के लिए भी लोगों की पहली पसंद है।
इस शहर को साइबर सिटी के रूप में नई पहचान मिल रही है । गुरुग्राम नई दिल्ली से 32 किलोमीटर (20 मील) और चंडीगढ़ के 268 किमी (167 मील)
दक्षिण-पश्चिम राज्य की राजधानी है।
सुरक्षा व्यवस्था -
गुरुग्राम भले ही अपनी बड़ी इंड्रस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रसिद्ध है
, लेकिन यहां दिन प्रतिदिन रेप , चोरी , अपहरण की वारदातें बढ़ती जा रही हैं । महिलाओं और बच्चों के लिए मुख्य रूप से यह
स्थान कुछ खास सुरक्षित नहीं है । संदीप खिरवार जी गुड़गाव में आईपीएस ऑफिसर हैं । 2016 में संदीप जी के पद ग्रहण करने के बाद से गुरुग्राम पुलिस के सशक्तिकरण का कार्य
प्रारम्भ हुआ लेकिन फिर भी प्रद्युम्न हत्या काण्ड जैसे मामले लगातार सामने आते रहे
हैं ।
इस असुरक्षित माहौल के बीच पुलिस व्यवस्था भी खोखली नज़र आती है । लोगों की ट्रैफिक
सुरक्षा को सुचारू रखने के लिए सेक्टर 51 में ट्रैफिक पुलिस के अलग डिपार्टमेंट का
गठन किया गया है । वर्ष 2018 में सेक्टर 83 में नये पुलिस थाने का निर्माण कराया गया
।
इण्डिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार गुरुग्राम में एसीपी
,डीसीपी सहित 3, 767 पुलिस कर्मचारी हैं । इन आंकड़ों को यदि औसत सुरक्षा दृष्टि से देखा जाए तो
445 लोगों के लिए मात्र 1 पुलिस कर्मचारी ही मुहैय्या है । पुलिस एवं सभी सुरक्षाकर्मियों
की संख्या सही नहीं होने से गुरुग्राम में जुर्म बढ़ रहे हैं ।
परिवहन –
गुरुग्राम में इंटरनेशनल हाइवे
8 को दिल्ली से जोड़ा गया है , जो कि 27.7 किलोमीटर दूरी को कम समय मे तय कराता है । गुरुग्राम शहर में मेट्रो स्टेशन भी
स्थित हैं, जो की दिल्ली को गुड़गांव से जोड़ता है ।
गुरुग्राम में 5 मेट्रो स्टेशन की व्यवस्था है ,जिनमें हुडा सिटी सेंटर , इफको चौक , एम जी रोड शामिल है ।
गुरुग्राम में इंटरसिटी रेलवे निर्मित है, जिसकी सम्पूर्ण व्यवस्था उत्तर रेलवे
, भारतीय रेलवे द्वारा संचालित की जाती है । गुड़गांव में एयरपोर्ट सुविधा दिल्ली
में बने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे द्वारा ही प्रदान की जाती है ।
इन व्यवस्थाओं के बीच वाजिब
दामों में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए ओला , उबर जैसी कैब्स का भी उपयोग होता है । इन कैब्स पर सुरक्षा दृष्टि से लोग विश्वास
करते हैं ।
शिक्षा व्यवस्था -
गुरुग्राम में शिक्षा व्यवस्था
सर्वांगीण विकास के साथ कार्यरत है । गुड़गांव में स्कूल व्यवस्था हरियाणा सरकार देखती
है । गुरुग्राम में कई विद्यालय एवं कॉलेज हैं
, जिनमें आई टी एम यूनिवर्सिटी , अंशल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी , एमिटी यूनिवर्सिटी , श्री गुरु गोविन्द सिंह त्ट्री सेन्त्री
यूनिवर्सिटी गुड़गांव शामिल है ।
लेकिन वहीं सुरक्षा दृष्टि से इन विद्यालयों पर अभिवावक संदेह की दृष्टि से देखते हैं । जिनमें रेयान इंटरनेशनल जैसे स्कूल शमिल हैं । वहीं 25 जनवरी को पद्मावत फ़िल्म के विरोध
में स्कूल बस पर करणी सेना वालों ने हमला कर दिया था , जिसे अत्यंत संवेदनहीनता से देखा जा रहा था परंन्तु बाकी अन्य जुर्म की तरह ही
इस केस को भी केवल सुर्खियों में ही जगह मिली । वास्तविक रूप से कोई विशेष कार्यवाही
नहीं की गयी ।
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