नाम-
योगेश वर्मा
पद-
विधायक(बीजेपी), लखीमपुर (खीरी), उत्तरप्रदेश
नवप्रर्वतक कोड- 71189425

श्री योगेश वर्मा: लखीमपुर सदर के जमीनी नेता और विकासोन्मुख विधायक
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुछ जनप्रतिनिधि ऐसे होते हैं, जिनकी पहचान बड़े नारों से नहीं बल्कि निरंतर क्षेत्रीय सक्रियता, संगठनात्मक मजबूती और जनता से सीधे संवाद के माध्यम से बनती है। लखीमपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्री योगेश वर्मा इसी श्रेणी के नेता माने जाते हैं। वे भाजपा के उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने संगठन से लेकर सदन तक अपनी भूमिका को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निभाया है।

प्रारंभिक जीवन और सामाजिक पृष्ठभूमि
श्री
योगेश वर्मा का जन्म उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनका बचपन ग्रामीण-अर्धशहरी परिवेश में बीता, जहाँ कृषि, छोटे व्यापार और सामाजिक आपसी संबंध जीवन का अहम हिस्सा रहे। इसी वातावरण ने उनके व्यक्तित्व में सरलता, व्यवहारिकता और समाज के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित किया।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा स्थानीय संस्थानों से प्राप्त की। शिक्षा के दौरान ही उनमें सामाजिक गतिविधियों और सार्वजनिक जीवन के प्रति रुचि विकसित होने लगी। छात्र जीवन में वे अनुशासन, संगठन और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते थे, जो आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की नींव बनी।

राजनीति में प्रवेश और संगठनात्मक सफर
योगेश
वर्मा का राजनीतिक सफर भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर शुरू हुआ। उन्होंने राजनीति को सत्ता का साधन नहीं, बल्कि सेवा और संगठन का माध्यम माना। शुरुआती दौर में वे पार्टी के बूथ और मंडल स्तर पर सक्रिय रहे और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करने का काम किया।
भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में काम करते हुए उन्होंने अनुशासन, समयबद्धता और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया। पार्टी नेतृत्व ने उनकी सक्रियता और जमीनी पकड़ को पहचाना, जिसका परिणाम यह हुआ कि वे धीरे-धीरे जिले की राजनीति में एक भरोसेमंद चेहरा बनकर उभरे।

विधानसभा चुनाव और जनादेश
2017 विधानसभा चुनाव
वर्ष
2017 का विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश की राजनीति में बदलाव का प्रतीक माना जाता है। इसी चुनाव में भाजपा ने योगेश वर्मा को लखीमपुर सदर
से प्रत्याशी बनाया। उन्होंने विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन को केंद्र में रखकर चुनाव लड़ा और जनता ने उन्हें स्पष्ट जनादेश देकर विधायक चुना।
2022 विधानसभा चुनाव
2017–22 के कार्यकाल में किए गए कार्यों और सक्रिय जनसंपर्क के कारण 2022 के विधानसभा चुनाव में भी जनता ने उन पर भरोसा जताया। लगातार दूसरी बार विधायक चुने जाने से यह साबित हुआ कि लखीमपुर सदर की जनता ने उनके काम और व्यवहार को स्वीकार किया है।

विधानसभा में भूमिका और सक्रियता
विधायक
के रूप में योगेश वर्मा ने सदन में अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया। उनकी प्राथमिकताओं में—
किसानों
की समस्याएँ
गन्ना
भुगतान
बाढ़
और प्राकृतिक आपदाओं से राहत
सड़क,
बिजली और पेयजल
शिक्षा
और स्वास्थ्य सुविधाएँ
प्रमुख
रही हैं।
वे प्रश्नकाल और बहसों में तथ्यात्मक ढंग से अपनी बात रखते हैं और विभागीय मंत्रियों से जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं। उनकी छवि एक ऐसे विधायक की है जो केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की भी निगरानी करता है।

विकास कार्यों की प्रमुख उपलब्धियाँ
1. कृषि और किसान हित
लखीमपुर
खीरी एक कृषि-प्रधान जिला है,
जहाँ गन्ना किसानों की संख्या अधिक है। योगेश वर्मा ने गन्ना भुगतान, सिंचाई व्यवस्था और कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी। नहरों की सफाई, लघु सिंचाई योजनाओं और कृषि विभाग के समन्वय से किसानों को राहत दिलाने के प्रयास किए गए।
2. बुनियादी ढांचा
सदर
क्षेत्र में सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए कई परियोजनाएँ शुरू की गईं। ग्रामीण संपर्क मार्गों का निर्माण, शहरी क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण और पुल-पुलियों के निर्माण से आवागमन बेहतर हुआ, जिससे व्यापार और आम जनजीवन को लाभ मिला।
3. शिक्षा
सरकारी
स्कूलों में भवन, शौचालय, पेयजल और फर्नीचर जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान दिया गया। छात्रवृत्ति योजनाओं और डिजिटल शिक्षा से जुड़ी सरकारी पहलों को ज़मीन पर उतारने में विधायक की सक्रिय भूमिका रही।
4. स्वास्थ्य सेवाएँ
प्राथमिक
स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं के सुधार, स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन और टीकाकरण अभियानों को गति देने में उन्होंने प्रशासन के साथ मिलकर काम किया। आपदा और महामारी के समय राहत कार्यों में भी उनकी सक्रियता रही।
5. सामाजिक कल्याण योजनाएँ
प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, वृद्धावस्था और विधवा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुँचे, इसके लिए उन्होंने नियमित समीक्षा और जनसुनवाई का सहारा लिया।

जनसंपर्क और कार्यशैली
योगेश
वर्मा की राजनीति की पहचान उनका निरंतर जनसंपर्क
है। वे गांव-गांव जाकर जनता की समस्याएँ सुनते हैं, जनसुनवाई करते हैं और अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समाधान की कोशिश करते हैं। उनकी कार्यशैली में—
सरल
भाषा
त्वरित
प्रतिक्रिया
प्रशासन
से समन्वय
और
जनता के प्रति जवाबदेही
स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

चुनौतियाँ और आलोचनाएँ
हर जनप्रतिनिधि की तरह उन्हें भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बाढ़, कानून-व्यवस्था और संसाधनों की सीमाओं को लेकर कभी-कभी आलोचना हुई, लेकिन उन्होंने आलोचनाओं को नकारात्मक रूप से लेने के बजाय सुधार का अवसर माना और लगातार संवाद बनाए रखा।

राजनीतिक दृष्टि और भविष्य की सोच
योगेश वर्मा का मानना है कि लखीमपुर सदर का भविष्य कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, युवाओं के लिए रोजगार सृजन और शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जुड़ा है। वे चाहते हैं कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ औद्योगिक और स्वरोजगार के अवसर भी विकसित हों।

निष्कर्ष
श्री योगेश वर्मा
लखीमपुर सदर विधानसभा के ऐसे विधायक हैं जिन्होंने संगठनात्मक अनुभव, जमीनी जुड़ाव और विकास-केंद्रित सोच के साथ अपनी अलग पहचान बनाई है। लगातार जनादेश मिलना इस बात का प्रमाण है कि जनता ने उनके काम और व्यवहार पर भरोसा जताया है। आने वाले समय में उनसे अपेक्षा है कि वे लखीमपुर सदर को कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में और मजबूत बनाएँगे तथा क्षेत्र को विकास की नई दिशा देंगे।
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