नाम-
विपिन कुमार डेविड
पद-
विधायक(बीजेपी ), एटा विधानसभा,उत्तर प्रदेश
नवप्रर्वतक कोड- 71186924

परिचय
विपिन
कुमार डेविड (जन्म: 20
अप्रैल 1970)
एक भारतीय राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे एटा विधानसभा क्षेत्र से
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर विधायक हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 18वें विधानसभा के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं।
उनकी
राजनीतिक छवि स्थानीय सामाजिक कार्यों, नागरिक जागरूकता अभियानों और विधानसभा में सक्रिय भागीदारी के लिए जानी जाती है। उनके निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षा, स्वच्छता और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर जनता में पहचान बनी है।
प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
विपिन कुमार डेविड का जन्म 20 अप्रैल 1970 को एटा, उत्तर प्रदेश में हुआ। वे एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं और प्रारंभिक शिक्षा अपने गृह जिले में प्राप्त की। उन्होंने डिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) से बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की पढ़ाई पूरी की, जिसके बाद उन्होंने सामाजिक एवं राजनैतिक क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी शुरू की। उनका पारिवारिक जीवन भी स्थानीय समुदाय के साथ जुड़ा रहा है; वे अपने परिवार के साथ एटा में ही रहते हैं और सामाजिक आयोजन, लोक सरोकार के कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं।
राजनीतिक करियर की शुरुआत
विपिन
कुमार डेविड का राजनीतिक सफर स्थानीय सामाजिक मंचों से आरंभ हुआ। प्रारंभ में वे पार्टी के स्थानीय संगठन और जनहित के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल रहे। धीरे-धीरे उनकी पहचान भाजपा के युवा और सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में उभरने लगी।
उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एटा विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया और उन्होंने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की। इस चुनाव में उन्होंने सपा के उम्मीदवार आलोक शाक्य को करीब 4,767 मतों के अंतर से हराया। उनकी राजनीतिक यात्रा भाजपा के लिए एक मजबूत स्थानीय नेतृत्व के रूप में मान्यता पाई, खासकर ग्रामीण विकास और समाजिक मुद्दों पर काम को लेकर।
वर्तमान पद एवं ज़िम्मेदारियाँ
वर्तमान में विपिन कुमार डेविड 18वीं उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य हैं और वे अपनी निर्वाचन क्षेत्र एटा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। एक विधायक के रूप में उनकी जिम्मेदारी अपने क्षेत्र के लोगों की आवाज को विधानसभा में उठाना, स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, और विकास परियोजनाओं की निगरानी करना है। इसके अलावा वे जिला प्रशासन और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर सामाजिक जागरूकता अभियानों की अगुवाई करते हैं।

विकास कार्य, पहलें और सार्वजनिक दावे
1. ग्रामीण जागरूकता व सार्वजनिक कार्य
विपिन
कुमार डेविड ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में स्वास्थ्य, स्वच्छता और जागरूकता अभियानों का आयोजन किया है। उदाहरण के लिए, स्वास्थ्य नियंत्रण माह के अवसर पर उन्होंने जिला अधिकारी के साथ जागरूकता रैली का नेतृत्व किया, जिसमें लोगों को स्वास्थ्य एवं शारीरिक सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
2. जनता के मुद्दों पर कार्य
वेतनभोगियों,
किसानों और छात्रों जैसे आम मुद्दों को विधानसभा में उठाने के लिए भी वे सक्रिय रहे हैं। वे स्थानीय स्तर के विकास कार्यों जैसे सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति सुधार, पानी की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर स्थानीय प्रशासन के साथ सामंजस्य स्थापित करते रहे हैं।
3. सार्वजनिक सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करना
समय-समय पर उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य कैंप, शिक्षा कार्यक्रम और सरकारी कल्याण योजनाओं की जानकारी कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक पहुँचाने की पहल की है।
इन
पहलों को उनके समर्थक स्थानीय मीडिया और भाजपा समर्थित समुदाय की ओर से सकारात्मक रूप में देखते हैं, जबकि आलोचकों के अनुसार विकास कार्यों की जानकारियाँ कभी-कभी विस्तृत रूप से सार्वजनिक नहीं होतीं —
जो लोकतांत्रिक बहस का हिस्सा है।
आलोचनाएँ, विवाद और सार्वजनिक प्रतिक्रियाएँ
जहाँ पारंपरिक आलोचना विकास और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की गति को लेकर होती है, वहीं विपिन कुमार डेविड के नाम पर किसी बड़े नैतिक या कानूनी विवाद का कोई व्यापक या सत्यापित आरोप सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं मिला है। इसी तरह, उनके सामने कोई गंभीर आचार संहिता उल्लंघन, भ्रष्टाचार या आपराधिक मामला नहीं देखा गया है जो निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड या मीडिया द्वारा व्यापक रूप से रिपोर्ट किया गया हो।

निष्कर्ष – समग्र राजनीतिक आकलन
विपिन
कुमार डेविड की राजनीतिक यात्रा स्थानीय सामाजिक कार्यों और विधानसभा क्षेत्र की विकास आवश्यकता को केन्द्र में रखकर आगे बढ़ी है। उनके निर्वाचन क्षेत्र में ग्रामीण और नगर दोनों तरह की समस्याओं को समझने और समाधान के लिए कदम उठाने की मांग है।
उनकी
छवि भाजपा के पारंपरिक स्थानीय नेतृत्व के रूप में विकसित हुई है,
जिसमें वे जनता के मुद्दों को विधानसभा स्तर पर उठाने का प्रयास करते हैं। जबकि व्यापक मीडिया कवरेज उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर विस्तृत तरीके से नहीं प्रस्तुत करता, स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान स्पष्ट और फैली हुई है।
आने
वाले समय में उनके विकास परियोजना कार्यान्वयन, सामाजिक योजनाओं का विस्तार और विधायी भागीदारी उनके राजनीतिक मूल्यों और प्रभाव को और गहरा कर सकते हैं।
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