नाम: श्रवण कुमार पेशा: राजनीतिज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता राजनीतिक दल: जनता दल (यूनाइटेड) वर्तमान पद: विधायक, बिहार विधान सभा — नालंदा विधानसभा क्षेत्र
परिचय
श्रवण कुमार बिहार की राजनीति के सबसे अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वे नालंदा विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक चुने जा चुके हैं और जनता दल (यूनाइटेड) के मजबूत स्तंभ माने जाते हैं। उनका राजनीतिक जीवन सादगी, अनुशासन, संगठनात्मक निष्ठा और जनसेवा पर आधारित रहा है। वे न केवल अपने क्षेत्र बल्कि पूरे बिहार में एक भरोसेमंद और संतुलित जननेता के रूप में पहचाने जाते हैं।
प्रारंभिक जीवन
श्रवण कुमार का जन्म नालंदा जिले के बेन प्रखंड के एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उनका बचपन ग्रामीण परिवेश में बीता, जहाँ उन्होंने गरीबी, कृषि-आधारित जीवन और आम लोगों की समस्याओं को बहुत करीब से देखा। यही अनुभव आगे चलकर उनके राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण की नींव बने।
कम उम्र से ही वे सामाजिक गतिविधियों में रुचि लेने लगे थे और गांव-समाज की समस्याओं पर चर्चा करना उनके स्वभाव का हिस्सा बन गया।
शिक्षा और सामाजिक चेतना
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय विद्यालयों से प्राप्त की और बाद में इंटरमीडिएट तक अध्ययन किया। पढ़ाई के साथ-साथ वे सामाजिक आंदोलनों और जनचेतना से जुड़े कार्यों में सक्रिय हो गए। शिक्षा ने उन्हें लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समान अधिकारों की समझ दी, जिसने उनके राजनीतिक जीवन को दिशा प्रदान की।
राजनीति में प्रवेश
श्रवण कुमार का राजनीति में प्रवेश किसी पारिवारिक विरासत के कारण नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और संघर्ष के रास्ते हुआ। वे जेपी आंदोलन के दौर से प्रेरित होकर जनआंदोलनों से जुड़े और धीरे-धीरे संगठित राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने लगे।
समता पार्टी और बाद में जनता दल (यूनाइटेड) के गठन के साथ वे पार्टी के समर्पित और अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में उभरे। संगठन में उनकी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के कारण उन्हें लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं।
विधायक के रूप में राजनीतिक सफर
श्रवण कुमार पहली बार नालंदा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए और इसके बाद लगातार जनता का विश्वास जीतते रहे। बार-बार चुने जाने का मुख्य कारण उनका क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहना और जनता से सीधा संवाद बनाए रखना रहा।
विधानसभा में उन्होंने नालंदा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया और सरकार के समक्ष ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी।
मंत्री के रूप में भूमिका
श्रवण कुमार को बिहार सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी गई। मंत्री के रूप में उन्होंने:
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ग्रामीण विकास योजनाओं को ज़मीन पर उतारने में सक्रिय भूमिका निभाई
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समाज कल्याण योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने पर जोर दिया
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परिवहन और उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े विभागों में प्रशासनिक सुधार किए
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गरीब, वृद्ध, महिला और कमजोर वर्गों के हित में नीतिगत फैसलों का समर्थन किया
उनकी प्रशासनिक शैली व्यावहारिक, अनुशासित और परिणाम-उन्मुख रही है।
विकास कार्य और उपलब्धियाँ
नालंदा विधानसभा क्षेत्र में उनके कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए, जिनमें प्रमुख हैं:
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ग्रामीण सड़कों और संपर्क मार्गों का विस्तार
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स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षा संसाधनों को मजबूत करना
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा सुविधाओं में सुधार
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कृषि, सिंचाई और किसानों से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
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सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाना
उनका मानना है कि विकास का सही अर्थ तभी है, जब उसका लाभ समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति तक पहुँचे।
जनसंपर्क और कार्यशैली
श्रवण कुमार की कार्यशैली पूरी तरह जन-केंद्रित रही है। वे नियमित रूप से अपने क्षेत्र का दौरा करते हैं, गांव-गांव जाकर लोगों से मिलते हैं और उनकी समस्याओं को सीधे सुनते हैं। प्रशासन और जनता के बीच समन्वय बनाना उनकी राजनीतिक शैली की प्रमुख विशेषता है।
व्यक्तित्व और छवि
श्रवण कुमार को एक शांत, सरल, सुलझे हुए और अनुशासित नेता के रूप में जाना जाता है। वे विवादों से दूर रहकर विकास और संगठन पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उनकी सादगी और निरंतर सक्रियता ने उन्हें जनता के बीच एक भरोसेमंद जनप्रतिनिधि बनाया है।
निष्कर्ष
श्रवण कुमार का जीवन और राजनीतिक यात्रा सेवा, संघर्ष और समर्पण का उदाहरण है। नालंदा विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने लगातार जनता का विश्वास अर्जित किया है और बिहार की राजनीति में एक स्थिर, अनुभवी और प्रभावशाली नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
उनका राजनीतिक जीवन यह सिद्ध करता है कि सच्ची राजनीति सत्ता नहीं, बल्कि जनता की सेवा और समाज के समग्र विकास का माध्यम होती है।
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