नाम : सतीश चंद्र शर्मा
पद : विधायक (भाजपा) दरियाबाद, बाराबंकी (उ.प्र)
नवप्रवर्तक कोड : 71184747

सतीश चंद्र शर्मा: दरियाबाद विधानसभा के विधायक की राजनीतिक जीवन-यात्रा
उत्तर
प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्थित दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और राजनीतिक सक्रियता के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र लंबे समय से राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी श्री सतीश चंद्र शर्मा ने विजय प्राप्त कर विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व संभाला। एक सुलझे हुए, संगठनप्रिय और जमीनी नेता के रूप में उनकी पहचान धीरे-धीरे मजबूत होती जा रही है।
प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
सतीश
चंद्र शर्मा का जन्म एक साधारण, संस्कारवान परिवार में हुआ। उनका परिवार सामाजिक मूल्यों, अनुशासन और परिश्रम में विश्वास रखने वाला रहा है। ग्रामीण-कस्बाई परिवेश में पले-बढ़े सतीश शर्मा ने बचपन से ही आम जनजीवन की चुनौतियों को नजदीक से देखा। यही अनुभव आगे चलकर उनके राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण की बुनियाद बना।
परिवार से मिले संस्कारों ने उनमें सादगी, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित की। वे प्रारंभ से ही समाज के प्रति सजग रहे और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा रखते थे।

शिक्षा और वैचारिक विकास
सतीश चंद्र शर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय विद्यालयों से प्राप्त की। छात्र जीवन के दौरान वे पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में भी रुचि लेते रहे। शिक्षा ने उन्हें तार्किक सोच, संवाद कौशल और प्रशासनिक समझ प्रदान की, जो बाद में उनके राजनीतिक जीवन में उपयोगी सिद्ध हुई। युवावस्था में ही उन्हें यह अनुभव हो गया था कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान केवल व्यक्तिगत प्रयासों से नहीं, बल्कि संगठित राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से संभव है।
व्यवसायिक और सामाजिक गतिविधियाँ
राजनीति
में सक्रिय भूमिका निभाने से पहले सतीश चंद्र शर्मा सामाजिक एवं व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़े रहे। उन्होंने क्षेत्र की जमीनी समस्याओं—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल और रोजगार—को नजदीक से समझा।
सामाजिक स्तर पर वे धार्मिक, सांस्कृतिक और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में सक्रिय रहे। आम नागरिकों के सुख-दुख में सहभागी रहना उनकी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा रहा, जिससे उन्हें क्षेत्र में एक भरोसेमंद और जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में पहचान मिली।

राजनीतिक जीवन की शुरुआत
सतीश
चंद्र शर्मा का राजनीति में प्रवेश भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से हुआ। भाजपा की राष्ट्रवादी विचारधारा, संगठनात्मक मजबूती और विकास-केंद्रित नीतियों से वे प्रभावित रहे। पार्टी संगठन में रहकर उन्होंने जमीनी स्तर से काम शुरू किया।
उन्होंने
बूथ, मंडल और जिला स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया और एक अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में पहचान बनाई। पार्टी नेतृत्व के प्रति निष्ठा और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय उनकी राजनीतिक यात्रा की प्रमुख विशेषता रही।
विधानसभा चुनाव 2022 और विजय
वर्ष
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सतीश चंद्र शर्मा को दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित किया। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने क्षेत्र के गांव-गांव जाकर जनसंपर्क किया और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाया।
उन्होंने विकास, कानून-व्यवस्था, किसानों के हित, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार को अपने चुनावी एजेंडे का केंद्र बनाया। जनता ने उनके कार्य, व्यवहार और विचारों पर विश्वास जताते हुए उन्हें विधायक चुना। यह जीत दरियाबाद क्षेत्र में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का भी संकेत बनी।

विधायक के रूप में कार्य और प्राथमिकताएं
विधानसभा
सदस्य बनने के बाद सतीश चंद्र शर्मा ने क्षेत्रीय विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके कार्यकाल में जिन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया, उनमें शामिल हैं—
ग्रामीण
एवं संपर्क सड़कों का निर्माण व मरम्मत
पेयजल
आपूर्ति और स्वच्छता योजनाओं का विस्तार
प्राथमिक
व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण
शिक्षा
संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं का विकास
किसानों
के लिए सिंचाई व कृषि सहायता से जुड़े प्रयास
वे
नियमित रूप से प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हैं और जनता की शिकायतों के समाधान के लिए सक्रिय रहते हैं।
विधानसभा में भूमिका
विधानसभा के भीतर सतीश चंद्र शर्मा ने दरियाबाद क्षेत्र की समस्याओं को मुखरता से उठाया। उनका प्रयास रहा है कि स्थानीय मुद्दे केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर उनका समाधान हो। उनकी कार्यशैली तथ्यपरक, संतुलित और मुद्दा-आधारित मानी जाती है, जिससे वे एक गंभीर और जिम्मेदार विधायक के रूप में देखे जाते हैं।

जनसंपर्क और कार्यशैली
सतीश
चंद्र शर्मा की राजनीति की सबसे बड़ी ताकत उनका निरंतर जनसंपर्क है। वे नियमित रूप से अपने विधानसभा क्षेत्र का दौरा करते हैं, जनसुनवाई करते हैं और आम नागरिकों से सीधे संवाद बनाए रखते हैं।
उनकी कार्यशैली में—सुलभता, संवेदनशीलता, समस्या-समाधान की तत्परता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। यही कारण है कि समर्थकों के साथ-साथ राजनीतिक विरोधी भी उनके व्यक्तिगत व्यवहार की प्रशंसा करते हैं।

राजनीतिक विचारधारा
भाजपा
विधायक होने के नाते सतीश चंद्र शर्मा राष्ट्रवाद, सुशासन और विकास को अपनी राजनीति का आधार मानते हैं। वे मानते हैं कि मजबूत कानून-व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन से ही समाज का समग्र विकास संभव है।
उनके
अनुसार—
शिक्षा
और स्वास्थ्य सामाजिक प्रगति की नींव हैं
किसानों
और युवाओं को सशक्त बनाना जरूरी है
सरकारी
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए
चुनौतियां और आलोचनाएं
राजनीति
में रहते हुए उन्हें भी चुनौतियों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। विपक्ष द्वारा विकास कार्यों की गति और प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठाए गए,
लेकिन सतीश चंद्र शर्मा ने आलोचनाओं का जवाब संवाद और कार्यों के माध्यम से देने का प्रयास किया है।
भविष्य की दिशा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सतीश चंद्र शर्मा दरियाबाद विधानसभा में एक स्थिर और भरोसेमंद नेतृत्व के रूप में उभर रहे हैं। यदि वे इसी तरह जमीनी मुद्दों पर केंद्रित रहकर कार्य करते रहे, तो भविष्य में उनकी भूमिका राज्य की राजनीति में और अधिक प्रभावी हो सकती है।

निष्कर्ष
सतीश चंद्र शर्मा की राजनीतिक यात्रा एक सामान्य पृष्ठभूमि से निकलकर विधायक बनने तक की कहानी है,
जिसमें संगठन, सेवा और संवाद की स्पष्ट झलक मिलती है। दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र के लिए वे केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि विकास और भरोसे की उम्मीद के प्रतीक बनते जा रहे हैं। उनकी कार्यशैली यह दर्शाती है कि राजनीति को यदि सेवा-भाव से किया जाए, तो वह समाज के लिए सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है।
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