नाम-
राम
सिंह
पद-
विधायक (समाजवादी पार्टी), पट्टी विधानसभा,उत्तर प्रदेश
नवप्रर्वतक कोड- 71187739

परिचय
राम सिंह पटेल उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के पट्टी विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ राजनेता हैं। वे दो बार विधायक (MLA) रहे हैं और उत्तर प्रदेश में समाजवादी राजनीति के सक्रिय चेहरे के रूप में पहचाने जाते हैं। सार्वजनिक रिकॉर्ड में उन्हें सपा का प्रमुख प्रतिनिधि और स्थानीय राजनीति में प्रभावशाली नेता के रूप में दर्शाया गया है।
प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
राम
सिंह पटेल का जन्म 1 जनवरी 1983 को चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। उनके पिता श्री बालकुमार पटेल रहे, जो स्वयं राजनीति से जुड़े रहे और जनपद में राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में राम सिंह ने स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है और उन्होंने कानून की पढ़ाई भी जारी रखी थी, जिसमें एलएलबी शामिल है। उनके शैक्षिक संस्थानों के विवरण के कुछ भाग सार्वजनिक स्रोतों में उपलब्ध हैं, जैसे कि Feroze Gandhi College (Kanpur University) तथा Narvadeshwar Law College (Lucknow University) से संबद्ध अध्ययन। परिवारिक पृष्ठभूमि राजनीतिक रूप से समृद्ध रही है और उन्होंने युवावस्था से ही सामाजिक कार्यों में भाग लिया।

राजनीतिक करियर की शुरुआत
राम
सिंह पटेल की राजनीतिक यात्रा समाजवादी पार्टी के साथ जुड़कर प्रारंभ हुई। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की नींव स्थानीय स्तर पर सामाजिक गतिविधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय भागीदारी के साथ रखी।
उनका
सबसे बड़ा राजनीतिक उभार 2012 के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में आया, जब उन्होंने पट्टी विधानसभा क्षेत्र से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और भाजपा के राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह को पराजित करके विधायक चुने गए। यह जीत प्रतापगढ़ की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ थी,
क्योंकि यहाँ बीजेपी का प्रभुत्व लंबे समय तक देखा गया था।
हालाँकि,
उनके 2012
के चुनाव परिणाम बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा रद्द कर दिए गए थे,
क्योंकि मतगणना के दौरान पोस्टल वोटों की गिनती से जुड़ा विवाद न्यायालय में उठाया गया था। इस फैसले के कारण उस चुनाव का निर्णय चुनौती में रहा, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी।
2017 में उन्होंने फिर से पट्टी से चुनाव लड़ा, लेकिन उस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा और राजेंद्र प्रताप सिंह ने सीट जीत ली। इस हार के बावजूद राम सिंह की राजनीतिक उपस्थिति और स्थानीय स्तर पर उनकी सक्रियता बरकरार रही।
विधान सभा में कार्यकाल एवं ज़िम्मेदारियाँ
राम
सिंह पटेल ने 16वीं उत्तर प्रदेश विधान सभा (2012–2017) में विधायक के रूप में कार्य किया। इस अवधि में उन्होंने स्थानीय मुद्दों, ग्रामीण विकास, सामाजिक निष्पक्षता और शिक्षा संबंधी मुद्दों को विधानसभा में उठाया।
एक
विधायक के रूप में उनकी मुख्य भूमिकाओं में शामिल रहे:
स्थानीय विकास परियोजनाओं का समर्थन
सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को विधानसभा में उठाना
प्रतापगढ़ जिले के ग्रामीण इलाकों में जनप्रतिनिधि का कर्तव्य निभाना
उनकी स्पष्ट समिति सदस्यता सूची और विधान सभा के दौरान विशेष प्रस्तावों का सामाजिक प्रभाव विस्तृत सरकारी रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं है, लेकिन मीडिया रिपोर्टों में उनका स्थानीय जनता के बीच सक्रिय भागीदारी का वर्णन मिलता है।

विकास कार्य, पहलें और सार्वजनिक दावे
राम
सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान कई विकास कार्यों पर जोर दिया। स्थानीय मीडिया और क्षेत्रीय रिपोर्टों के अनुसार, वे पट्टी क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर काम करते रहे और जनता के बीच इन विषयों पर संवाद बनाए रखा। साथ ही,
उन्होंने सामाजिक पिछड़े वर्ग के उत्थान, किसानों की समस्याओं और युवाओं के कौशल विकास पर भी सार्वजनिक रूप से ध्यान केंद्रित किया। हालांकि, उनके द्वारा घोषित विशिष्ट परियोजनाओं का विस्तृत सरकारी डेटा सार्वजनिक रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं है।
उनके समर्थकों का मानना है कि राम सिंह ने स्थानीय समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाई और विकास की दिशा में कई छोटी-बड़ी पहलें कीं, लेकिन आलोचक यह कहते हैं कि कुछ योजनाएँ व्यापक प्रभाव नहीं दिखा पाईं।

आलोचनाएँ,
विवाद और न्यायिक कारवाई
राम
सिंह पटेल के राजनीतिक सफर में सबसे प्रमुख विवाद उनके 2012 के जीत के परिणाम को हाईकोर्ट द्वारा रद्द करना रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह निर्णय दिया था कि चुनाव के दौरान पोस्टल वोटों की गिनती के नियम का उल्लंघन हुआ था।
इस विवाद के कारण उनके जीत का निर्णय चुनौती में रहा और इस प्रकार उन्होंने अपने कार्यकाल के आरंभिक हिस्से में न्यायिक समीक्षा का सामना किया। इस फैसले पर बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी और परिणामस्वरूप वह बिना रोक-टोक विधायक के रूप में अपना कार्यकाल पूरा कर पाए।
निष्कर्ष – समग्र राजनीतिक आकलन
राम
सिंह पटेल की राजनीतिक यात्रा उत्तर प्रदेश की सियासी गाथा में महत्वपूर्ण उदाहरण है कि किस तरह युवा नेतृत्व स्थानीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सपा के टिकट पर पट्टी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक के रूप में जनता का भरोसा जीता और ग्रामीण व सामाजिक मुद्दों को विधानसभा में उजागर किया।
उनके
करियर में चुनौतियाँ और विवाद भी रहे हैं, विशेष रूप से 2012
के चुनाव परिणाम को लेकर न्यायालयीन समीक्षा। इसके बावजूद, उनका राजनीतिक योगदान प्रतापगढ़ के ग्रामीण जनता के बीच याद किया जाता है।
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