नाम
– महबूब अली
पद
– विधायक (समाजवादी पार्टी), अमरोहा पूर्व कैबिनेट मंत्री, उत्तर प्रदेश
नवप्रवर्तक कोड –

प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
श्री महबूब अली उत्तर प्रदेश की अमरोहा विधानसभा से समाजवादी पार्टी के विधायक पद पर कार्य कर रहे हैं. वह समाजवादी पार्टी के जाने-माने राजनीतिज्ञ हैं. साथ ही महबूब अली वर्ष 2002 से समाजवादी पार्टी के बैनर तले अमरोहा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्होंने विधायक पद के साथ-साथ विभिन्न मंत्री पदों पर भी कार्यभार संभाला है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा में जन्में विधायक महबूब अली ने वर्ष 1979 में उत्तर प्रदेश बोर्ड के एमएइआई कॉलेज से इंटरमिडिएट तक शिक्षा प्राप्त की है. किसान परिवार से सम्बंध रखने वाले महबूब अली ने विधायकी चुनाव से पूर्व भी विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक पदों पर कार्य किया है।
उनके पूरे परिवार का राजनीतिक क्षेत्र में रुझान रहा है, जिसके चलते महबूब अली की पत्नी सकीना को समाजवादी पार्टी की ओर से जिला अध्यक्ष पद के लिए टिकट प्राप्त हुआ परन्तु किसी कारणवश वह टिकट वापस ले लिया गया. इसके साथ ही उनके पुत्र परवेज़ अहमद उत्तर प्रदेश विधानसभा परिषद के सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं।
विधायक महबूब अली ने वर्ष 2002 में अमरोहा विधानसभा सीट से राष्ट्रीय परिवर्तन पार्टी से टिकट प्राप्त कर सफलता प्राप्त की. इसके बाद सुश्री मायावती ने उन्हें राज्यमंत्री का कार्यभार सौंपा. वर्ष 2007 में महबूब अली ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर चुनाव में भागीदारी ली और सफलता प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने वर्ष 2012 में फिर से अमरोहा से विधायक पद प्राप्त कर सफलता हासिल की. उन्हें माननीय अखिलेश यादव ने शिक्षा कैबिनेट मंत्री भी बनाया।
वर्ष 2015 में समाजवादी पार्टी के मंत्रिमंडल का पुनर्गठन हुआ जिसमें महबूब अली को रेशम-उत्पादन टेक्स्टाईल मंत्री का कारभार सौंपा गया. वर्ष 2017 में भारतीय जनता पार्टी की लहर होने के बावजूद भी उन्होंने अमरोहा से ही विधायक के पद पर सफलता प्राप्त की।
विधायक के रूप में उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2002-17 तक जनता ने महबूब अली को ही अपना विधायक चुना और निरंतर कई वर्षों से लोगों ने विधायकी की बागड़ोर महबूब अली के हाथों में ही सौंपी हुई है।

राजनीतिक करियर की शुरुआत
महबूब अली का राजनीतिक सफर 2002 में सक्रिय चुनावी राजनीति से जुड़ने के साथ प्रारंभ हुआ। उस वर्ष उन्होंने अमरोहा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और विजय प्राप्त की। प्रारंभिक दौर में वे राष्ट्रीय परिवर्तन दल से जुड़े थे।
बाद में वे समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और 2007, 2012,
2017 तथा 2022 के विधानसभा चुनावों में अमरोहा से निर्वाचित हुए (निर्वाचन आयोग के आधिकारिक परिणामों के अनुसार)। लगातार कई बार जीत दर्ज करने से उनका क्षेत्रीय जनाधार स्पष्ट होता है।
समाजवादी पार्टी के संगठन में उनकी भूमिका समय-समय पर महत्वपूर्ण रही है। उनकी पहचान एक जमीनी नेता के रूप में उभरती देखी गई, जो क्षेत्र में सक्रिय जनसंपर्क बनाए रखते हैं।

पूर्व कैबिनेट मंत्री के रूप में भूमिका
वर्ष 2012 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में बनी समाजवादी पार्टी सरकार में महबूब अली को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। सरकारी अभिलेखों के अनुसार, उन्होंने स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग सहित अन्य विभागों का दायित्व संभाला।
मंत्री के रूप में उनकी भूमिका विभागीय नीतियों के क्रियान्वयन, राजस्व संग्रह प्रणाली की निगरानी और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़ी रही। उस समय सरकार द्वारा पारदर्शिता और राजस्व सुधार से संबंधित कई पहलें की गई थीं, जिनमें संबंधित विभाग की जिम्मेदारी उनके पास रही। मंत्री पद के दौरान उनके कार्यकाल को लेकर समर्थकों ने प्रशासनिक सक्रियता की सराहना की, जबकि विपक्षी दलों ने कुछ नीतिगत निर्णयों पर प्रश्न भी उठाए।
वर्तमान पद एवं ज़िम्मेदारियाँ
महबूब अली वर्तमान में Uttar Pradesh Legislative Assembly के सदस्य के रूप में अमरोहा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। विधायक के रूप में उनकी जिम्मेदारियाँ निम्नलिखित हैं:
विधानसभा सत्रों में भागीदारी, विधेयकों पर चर्चा और मतदान, प्रश्नकाल में क्षेत्रीय मुद्दों को उठाना, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय विधायक निधि के अंतर्गत क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों की अनुशंसा करना भी उनकी भूमिका का हिस्सा है।

विकास कार्य,
पहलें और सार्वजनिक दावे
अमरोहा विधायक के रूप में महबूब अली ने सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, शिक्षा संस्थानों के उन्नयन और विद्युत आपूर्ति सुधार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने का दावा किया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में विधायक निधि के माध्यम से स्वीकृत परियोजनाओं का उल्लेख मिलता है। समर्थकों का कहना है कि उनके कार्यकाल में क्षेत्रीय संपर्क मार्गों और सामुदायिक सुविधाओं में सुधार हुआ।
हालांकि विपक्षी दलों ने समय-समय पर विकास कार्यों की गति और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। इस पर समाजवादी पार्टी की ओर से कहा गया कि उपलब्ध संसाधनों के भीतर प्राथमिकताओं के अनुसार कार्य किए गए।

विवाद और सार्वजनिक प्रतिक्रियाएँ
लंबे राजनीतिक करियर के दौरान महबूब अली का नाम कुछ विवादों में भी सामने आया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सितंबर 2024 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिए गए उनके बयान को लेकर उन पर धार्मिक आधार पर वैमनस्य फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई।
उन्होंने अपने बयान को राजनीतिक संदर्भ में बताया, जबकि विपक्षी दलों ने इसकी आलोचना की। यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन बताया गया। इसके अतिरिक्त, स्थानीय प्रशासन द्वारा उनके आवास से संबंधित एक कथित अतिक्रमण मामले में नोटिस जारी किए जाने की खबरें भी मीडिया में आई थीं। संबंधित पक्षों द्वारा इन घटनाओं पर अलग-अलग स्पष्टीकरण दिए गए।

निष्कर्ष – समग्र राजनीतिक आकलन
महबूब अली का राजनीतिक जीवन उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय राजनीति में निरंतर सक्रियता का उदाहरण है। छह बार विधायक चुने जाना और पूर्व कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करना उनके अनुभव को दर्शाता है।
उनकी राजनीति समाजवादी विचारधारा, क्षेत्रीय विकास और समुदाय आधारित संवाद पर केंद्रित रही है। साथ ही, समय-समय पर बयानबाज़ी और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर विवाद भी सामने आए। आगामी चुनावों और राजनीतिक परिस्थितियों में उनकी भूमिका इस बात पर निर्भर करेगी कि वे क्षेत्रीय अपेक्षाओं और बदलते राजनीतिक समीकरणों के अनुरूप किस प्रकार अपनी रणनीति को आगे बढ़ाते हैं। अमरोहा विधानसभा क्षेत्र में उनका प्रभाव अभी भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
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