नाम- मनोहर लाल पंथ
पद-
विधायक(बीजेपी), महरौनी (ललितपुर), उत्तर प्रदेश
नवप्रर्वतक कोड- 71189465

परिचय
मनोहर लाल पंथ, जिन्हें पारंपरिक रूप से मन्नू कोरी के नाम से भी जाना जाता है,
उत्तर प्रदेश के ललितपुर ज़िले के महरौनी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हैं।
उन्होंने 2017 और 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल कर महरौनी से जनता-प्रतिनिधि के रूप में जगह बनाई और उत्तर प्रदेश सरकार में श्रम तथा रोजगार से जुड़े विभागों के लिए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में भी कार्य किया।
मनोहर लाल पंथ की राजनीतिक पहचान बुंदेलखंड क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के संदर्भ में एक सक्रिय जन-समर्थक नेता के रूप में बनी है।
प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
मनोहर लाल पंथ का जन्म 30 सितंबर 1954 को महरोनी (ललितपुर, उत्तर प्रदेश) में हुआ। उनके पिता का नाम हरजू प्रसाद था। पारिवारिक पृष्ठभूमि कृषि-आधारित रही है और मनोहर लाल स्वयं भी समाज के जिन हिस्सों से आते हैं, उनमें कृषि और ग्रामीण जीवन की चुनौतियों के विषय पर गहरी समझ विकसित हुई।
शिक्षा
के मामले में उन्होंने हाईस्कूल तक अध्ययन किया और इसके बाद सामाजिक जीवन तथा राजनीति के क्षेत्र में सक्रियता जताई। विवाह के संदर्भ में मनोहर लाल पंथ ने 6 अप्रैल 1968 को कस्तूरी बाई से विवाह किया। उनके परिवार में तीन पुत्र और दो पुत्रियाँ हैं।
राजनीतिक करियर की शुरुआत
मनोहर लाल पंथ ने अपने राजनीतिक सफ़र की शुरुआत ग्रामीण राजनीति और पार्टी-स्तर के संगठनात्मक कार्यों से की। भाजपा संगठन के भीतर उन्होंने जन-समस्याओं को सामने लाने में सक्रिय भूमिका निभाई और धीरे-धीरे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के भरोसेमंद नेता के रूप में उभरे।
उनकी समुदाय-आधारित पहचान और स्थानीय समर्थन ने उन्हें महरौनी विधानसभा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार के रूप में मजबूती से स्थापित किया।
2017 विधानसभा चुनाव और पहले कार्यकाल की शुरुआत
2017 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मनोहर लाल पंथ ने भाजपा के टिकट पर महरौनी सीट से चुनाव लड़ा और ज़ोरदार जीत दर्ज की।इस चुनाव में उन्होंने न केवल अपने प्रतिद्वंद्वी को परास्त किया, बल्कि महरौनी में भाजपा का समर्थन और निष्पक्ष जन-प्राप्ति को भी मजबूत किया।
जीत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में श्रम और रोजगार विनिमय विभाग का दायित्व सौंपा।यह नियुक्ति साबित करती है कि पार्टी नेतृत्व ने बुंदेलखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले एक अनुभवी और भरोसेमंद कार्यकर्ता को राज्य के महत्वपूर्ण विभाग में जिम्मेदारी दी।

दूसरा कार्यकाल और 2022 चुनाव
2022 में हुए विधानसभा चुनाव में भी मनोहर लाल पंथ ने महरौनी सीट पर भाजपा के लिये जीत हासिल की और दूसरी बार विधायक बने।
दूसरी बार जीत दर्ज करना दर्शाता है कि क्षेत्रीय जनता ने उनके कार्य और प्रतिनिधित्व को दोबारा मान्यता दी तथा उन्हें स्थानीय विकास और जन-समस्याओं के समाधान के लिये चुनने का निर्णय लिया।
इस कार्यकाल के दौरान भी उन्हें श्रम और रोजगार विभाग जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कार्यरत रहने का अवसर मिला, जो राज्य सरकार के सामाजिक एवं आर्थिक एजेंडे से जुड़ा रहा।
विधायक एवं राज्य मंत्री के रूप में ज़िम्मेदारियाँ
मनोहर लाल पंथ का विधानसभा कार्यकाल विविध जन-समस्याओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर केंद्रित रहा। उनकी ज़िम्मेदारियाँ निम्नलिखित रही हैं:
1. विधान सभा में सहभागिता
उन्होंने विधानसभा सत्रों में भाग लेकर क्षेत्रीय मुद्दों, जन-समस्याओं और सरकारी नीतियों पर चर्चा में हिस्सा लिया।
2. श्रम और रोजगार संबंधी कार्य
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में उनके विभाग ने रोजगार विनिमय, श्रमिक कल्याण, कौशल विकास कार्यक्रमों को लागू करने और प्रवासी श्रमिकों के समर्थन हेतु नीतियों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का कार्य किया।
3. स्थानीय विकास प्राथमिकताएँ
महरौनी विधानसभा के हिस्से के रूप में बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, पानी, शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास हेतु उन्होंने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर योजना बनायी।
सार्वजनिक छवि और लोकप्रियता
मनोहर लाल पंथ की सार्वजनिक छवि अक्सर मिलनसार, जन-आधारित और उत्साही नेता के रूप में देखी जाती है। सोशल मीडिया और समाचारों में उनके समारोहों में भाग लेने, स्थानीय कार्यक्रमों में सक्रिय उपस्थिति और जनता के साथ सहज व्यवहार के कई उदाहरण सामने आए हैं।एक वायरल वीडियो में वे विवाह समारोह में डांस करते हुए दिखाए गए, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनाया।
कभी-कभी उनके बयानों को लेकर हल्की आलोचना भी हुई है, जैसे एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं को घरेलू मुद्दों पर टिप्स देते हुए कहा, जिसे कुछ लोगों ने सामाजिक रूप से असहज करार दिया।ये घटनाएँ यह संकेत देती हैं कि वे पारंपरिक राजनेताओं से थोड़े अलग अंदाज़ में जनता-समूह के बीच सक्रिय रहते हैं।
आलोचनाएँ और विवाद
हालाँकि मनोहर लाल पंथ का राजनीतिक जीवन ज़्यादतर सकारात्मक छवि के साथ रहा है,
उनके समय-समय पर दिए गये बयान और कुछ वीडियो वायरल होने से आलोचना भी हुई है।
इन आलोचनाओं में मुख्यतः यह चर्चा रही कि एक विधायक या मंत्री को अपने सार्वजनिक बयानों में ज़िम्मेदारी से भाषा और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए। आम तौर पर विवाद राष्ट्रीय या कानूनी स्तर तक नहीं पहुँचा, इसलिए उनके राजनीतिक सफ़र को मुख्य रूप से सकारात्मक रूप में माना जाता है।
निष्कर्ष – समग्र राजनीतिक आकलन
मनोहर लाल पंथ का राजनीतिक सफ़र ग्रामीण भारत के राजनीति में संगठन, जनता-समर्थन और विकास-केंद्रित नीतियों का संयोग है। महरौनी विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने दो बार उन्हें अपने प्रतिनिधि के रूप में चुना, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनके कार्यक्षेत्र में लोगों का विश्वास मजबूत रहा।
उनकी भूमिका भाजपा के बुंदेलखंड में सक्रिय नेतृत्व की पहचान के रूप में बन चुकी है और श्रम-एवं-रोजगार विभाग में उनके प्रयासों को राज्य-स्तरीय नीति के संदर्भ में देखा गया है।
आगे के चुनाव और सरकारी धोरण निर्माण के दौर में उनका राजनीतिक प्रभाव, अनुभव और जनता-समर्थन यह निश्चय करेगा कि वे उत्तर प्रदेश राजनीति में किस तरह की भूमिका निभाते हैं।
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