नाम- बृजेश सिंह
पद- विधायक (भाजपा), देवबंद (सहारनपुर), उत्तर प्रदेश
नवप्रर्वतक कोड- 71189358

परिचय
बृजेश
सिंह उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ज़िले की देओबंद विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हैं। उन्होंने वर्ष 2022
के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में देओबंद से जीत दर्ज की और पहली बार विधायक बने। देओबंद, जो धार्मिक और शैक्षणिक दृष्टि से देश-भर में पहचाना जाता है,
वहां से भाजपा के प्रतिनिधि के रूप में उनका चुनाव राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।
देओबंद
विधानसभा क्षेत्र सहारनपुर जिले के अंतर्गत आता है और यह क्षेत्र सामाजिक-धार्मिक विविधता तथा कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है। बृजेश सिंह का राजनीतिक प्रोफ़ाइल क्षेत्रीय मुद्दों, संगठनात्मक सक्रियता और भाजपा के स्थानीय विस्तार से जुड़ा रहा है।

प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
बृजेश सिंह का संबंध उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद से है। उनका पारिवारिक पृष्ठभूमि सामान्य ग्रामीण परिवेश से जुड़ा बताया जाता है। उनकी शैक्षणिक योग्यता के संबंध में उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने स्नातक स्तर तक शिक्षा प्राप्त की है। विस्तृत शैक्षणिक संस्थान का नाम सभी सार्वजनिक स्रोतों में समान रूप से उपलब्ध नहीं है। राजनीति में सक्रिय होने से पहले वे सामाजिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े रहे। चुनावी हलफ़नामे में उनकी आय के स्रोतों में कृषि और व्यवसाय का उल्लेख किया गया है।
राजनीतिक करियर की शुरुआत
बृजेश
सिंह का राजनीतिक सफ़र भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे से जुड़ा रहा। स्थानीय स्तर पर पार्टी की गतिविधियों में भागीदारी के माध्यम से उन्होंने अपनी पहचान बनाई।
देओबंद जैसे संवेदनशील और राजनीतिक रूप से चर्चित क्षेत्र में भाजपा का संगठनात्मक विस्तार एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें देओबंद सीट से उम्मीदवार घोषित किया।
2022 विधानसभा चुनाव
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बृजेश सिंह ने देओबंद सीट से चुनाव लड़ा। उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को पराजित कर सीट अपने नाम की। चुनाव परिणामों के अनुसार उन्हें उल्लेखनीय मतों का समर्थन प्राप्त हुआ।
यह
जीत राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी गई,
क्योंकि देओबंद लंबे समय तक अन्य दलों के प्रभाव वाला क्षेत्र रहा है। उनकी जीत को भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विस्तार की रणनीति से भी जोड़ा गया।

वर्तमान पद एवं ज़िम्मेदारियाँ
वर्तमान
में बृजेश सिंह उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। विधायक के रूप में उनकी प्राथमिक ज़िम्मेदारियाँ निम्नलिखित हैं:
विधानसभा
सत्रों में क्षेत्रीय मुद्दों को उठाना, राज्य सरकार की योजनाओं को क्षेत्र में लागू कराने की निगरानी, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाना, जनसुनवाई और स्थानीय प्रशासन से समन्वय. विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर उनके सदस्यता संबंधी विवरण उपलब्ध हैं। यदि किसी समिति सदस्यता या विशेष दायित्व का उल्लेख होता है,
तो वह राज्य विधानसभा अभिलेखों में दर्ज होता है।

विकास कार्य, पहलें और सार्वजनिक दावे
देओबंद
विधानसभा क्षेत्र में विधायक के रूप में बृजेश सिंह द्वारा विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख उनके सोशल मीडिया पोस्टों और स्थानीय समाचार रिपोर्टों में मिलता है।
बुनियादी ढांचा
स्थानीय
मीडिया के अनुसार क्षेत्र में सड़क मरम्मत, नई सड़क निर्माण तथा विद्युत आपूर्ति सुधार से जुड़े प्रस्तावों को प्राथमिकता दी गई। कुछ परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार से बजट स्वीकृति का उल्लेख भी रिपोर्टों में मिलता है।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक संतुलन
देओबंद
का नाम धार्मिक शिक्षण संस्थान के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित है। ऐसे क्षेत्र में विधायक की भूमिका सामाजिक समरसता बनाए रखने और प्रशासनिक संतुलन सुनिश्चित करने से भी जुड़ी मानी जाती है।

आलोचनाएँ,
विवाद और सार्वजनिक प्रतिक्रियाएँ
राजनीतिक
जीवन में आलोचनाएँ स्वाभाविक मानी जाती हैं। देओबंद जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में चुनावी बयानबाज़ी और स्थानीय मुद्दों पर विभिन्न दलों के बीच मतभेद सामने आते रहे हैं।
कुछ
विपक्षी दलों द्वारा विकास कार्यों की गति और प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठाए गए। हालांकि इन आरोपों पर विधायक या उनकी पार्टी की ओर से स्पष्टीकरण भी जारी किए गए,
जिनमें सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का हवाला दिया गया।
चुनावी
शपथपत्र के अनुसार उनके विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामलों की स्थिति निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। मतदाताओं के लिए यह जानकारी सार्वजनिक दस्तावेज़ के रूप में देखी जा सकती है।

निष्कर्ष – समग्र राजनीतिक आकलन
बृजेश
सिंह का राजनीतिक प्रोफ़ाइल पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बदलती राजनीतिक परिस्थिति से जुड़ा हुआ है। देओबंद जैसे ऐतिहासिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र से विधायक चुना जाना उनके राजनीतिक करियर का प्रमुख पड़ाव रहा है।
उनकी
प्राथमिकता क्षेत्रीय विकास, संगठनात्मक मजबूती और राज्य सरकार की योजनाओं को लागू कराने पर केंद्रित दिखाई देती है। हालांकि बड़े पैमाने की परियोजनाओं के ठोस परिणामों का दीर्घकालिक आकलन समय के साथ स्पष्ट होगा।
आने
वाले वर्षों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि देओबंद विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, रोजगार और सामाजिक समरसता के मुद्दों पर उनका कार्य किस प्रकार आगे बढ़ता है।
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