East Singhbhum
झारखंड जिले के दक्षिणी भाग में स्थित जिला पूर्वी सिंहभूम कोल्हा मण्डल का एक जिला है. जिसका का गठन 16 जनवरी 1990 में किया गया. यह एक हिंदीभाषी जिला है तथा छोटा नागपुर पठार का भाग है. राज्य के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्वी सिंहभूमि जिले का कुल क्षेत्रफल 3,533 वर्ग कि.मी. है, जो कि झारखंड का लगभग 2.03 प्रतिशत है. वहीं जिले का करीब 53 प्रतिशत क्षेत्र छोटी- बड़ी पहाड़ियों से ढका हुआ है. खनिजों के दृष्टिकोंण से यह जिला काफी समृद्ध है. साथ ही यह जिला देश के नक्सलवाद प्रभावित जिलो
Who's building East Singhbhum
Parties, leaders and experts active in this district. Attribution is estimated from public activity — not an official record.
Leaders & listed citizens
Reference data & background — source: Census 2011 & editorial notes, may be outdated
झारखंड जिले के
दक्षिणी भाग में स्थित जिला पूर्वी सिंहभूम कोल्हा मण्डल का एक जिला है. जिसका का
गठन 16 जनवरी 1990 में किया गया. यह एक हिंदीभाषी जिला है तथा छोटा नागपुर पठार का
भाग है. राज्य के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्वी सिंहभूमि जिले
का कुल क्षेत्रफल 3,533 वर्ग कि.मी. है, जो कि झारखंड का लगभग 2.03 प्रतिशत है. वहीं जिले का करीब
53 प्रतिशत क्षेत्र छोटी- बड़ी पहाड़ियों से ढका
हुआ है. खनिजों के दृष्टिकोंण से यह जिला काफी समृद्ध है. साथ ही यह जिला देश के
नक्सलवाद प्रभावित जिलों की श्रेणी में भी शामिल है.
इतिहास –
स्वतंत्रता
प्राप्ति से पहले
पूर्वी सिंहभूम जिला पुराने मानभूम जिले और पुरानी धालभूम राज्य का भाग था . इसे अपना पृथक अस्तित्व
16 जनवरी 1990 को मिला, जब पुराने सिंहभूम से नौ ब्लॉकों को अलग करके एक नए
जिले (पूर्वी सिंहभूम) का गठन किया गया. यही
नहीं बल्कि आजादी के बाद इस जिले को वृहत सिंहभूम जिले के साथ विलय भी कर दिया
गया.
ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी यह जिला काफी महत्वपूर्व है. कहा
जाता है कि आदिकाल में इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में शेर पाये जाने के कारण ही
इस जिले का नाम शेरों की भूमि यानि सिंहभूम पड़ा. इसके बाद लोग यहां बस्तियां
बनाकर रहने लगे , तब इसे पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूमि
में बांट दिया गया. पौराणिक आधार पर मान्यता है कि रामायण में वर्णित दण्डकारण्य
के वन इसी जिले के कुछ भागों में थे, जो कि आज भी मौजूद हैं.
प्रशासनिक व्यवस्था –
प्रशासनिक दृष्टिकोंण से यह जिला काफी सुगठित व व्यवस्थित है. इस जिले का मुख्यालय जमशेदपुर है. पूर्वी सिंहभूम को दो उपमंडलों धालभूम और घाटशिला तथा 11 उपखंडों में विभाजित किया गया है. वहीं नगर निगमों के आधार पर जिले को 4 भागों में बांटा गया है. साथ ही जिले में 6 विधानसभा क्षेत्र (पोटका, जमशेदपुर पश्चिम, जमशेदपुर पूर्वी, घाटशिला, बहरागोड़ा, जुगसलाई) हैं. पूर्वी सिंहभूम में ग्यारह ब्लॉक (उपखंड) हैं, जिसके अंतर्गत गोलमुरी- सह- जुगसलाई, जमशेदपुर, पोटका, पटमदा और बोड़ाम को धालभूम सब-डिवीजन में और घाटशिला, मुसाबानी, डूमरिया, बहरागोड़ा, धालभूमगढ़, चाकुलिया और गुड़ाबाँधा घाटशिला उपमंडल में शामिल किया गया है.

इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम में कुल 1810 गांव हैं, जिनके जिनमें से 1669 गांवों में तो लोग रहते हैं, किन्तु बाकी 141 राजस्व गांवों का पुनर्वास किया जाना है. इन गांवों के अंतर्गत कुल 231 ग्राम पंचायतें हैं.
भौगोलिक पृष्ठभूमि –
झारखंड राज्य के दक्षिण में स्थित यह जिला उत्तर से पूर्व तक पश्चिम बंगाल तथा दक्षिण के कुछ क्षेत्र तक उड़ीसा राज्य से घिरा हुआ है, जिसके पूर्व में मिदनापुर जिला (पश्चिम बंगाल( पश्चिम में पश्चिम सिंहभूम, उत्तर में पुरुलिया जिला (पश्चिम बंगाल( तथा दक्षिण में मयूरभंज जिला (उड़ीसा) में स्थित है. पूर्वी सिंहभूम 22.12 डिग्री अक्षांश और 86.04 डिग्री देशांतर रेखा के बीच स्थित है तथा इसका अनुदैर्ध्य विस्तार 86 डिग्री 04 मिनट – 86 डिग्री 54 मिनट पूर्व है. इस जिले की समुद्र तल से ऊंचाई 700 फीट से 3100 फीट के बीच है. पूर्वी सिंहभूम की प्रमुख नदी स्वर्णरेखा नदी है, जो कि जिले में पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की दिशा में बहती है.

इस जिले में समतल मैदान के साथ ही छोटी-बड़ी पहाड़ियां और चोटियां
भी पायी जाती हैं, जिन पर ग्रेनाइट, गनीस, बेसाल्ट, शैल, स्किस्ट आदि पाया जाता हैं. यह छोटा नागपुर पठार का
एक भाग है तथा दलमा रेंज यहां
की मुख्य पहाड़ी है जो कि पश्चिम से लेकर पूर्व तक घने जंगलों से ढकी हुई है. जिले
का पहाड़ी क्षेत्र करीब 53 प्रतिशत व वन क्षेत्र 33 प्रतिशत है. यहीं नहीं बल्कि
यह जिला खनिजों की खान भी है तथा कॉपर, यूरेनियम, आयरन, गोल्ड किनाइट इस जिले के प्रमुख
खनिज हैं.
जनसांख्यिकी –
करीब 2,291,032 की जनसंख्या वाला यह
जिला झारखंड के विकासशील जिलों की श्रेणी में आता है. 2011 की जनगणना के आधार पर
पूर्वी सिंहभूम का जनसंख्या घनत्व 648 वर्ग कि.मी. अर्थात् 1680 वर्ग मील है. जिले
का लिंगानुपात 949 तथा बाल लिंगानुपात 922 है तथा यहां पुरूषों व महिलाओं की
संख्या क्रमशः 1,175,696 व 1115336 है. यहां की कुल साक्षरता दर 76.13 प्रतिशत
है,
जिसके अंतर्गत पुरूष साक्षरता दर 84.51 प्रतिशत व महिला
साक्षरता दर 67.33 प्रतिशत है. इसके अलावा जिले की विकास दर 15.53 प्रतिशत है.
जलवायु –
पूर्वी सिंहभूम
की जलवायु का प्रकार समशीतोष्ण है. इसलिए यहां गर्मी और सर्दी औसत ही पड़ती है. जिले में मई- जून के दौरान गर्मियों के मौसम में
अधिकतम तापमान 40 सेंटीग्रेड -45 सेंटीग्रेड
तक दर्ज किया जाता है. वहीं दिसबंर-जनवरी सर्दियों में न्यूनतम 8 सेंटीग्रेड दर्ज तक पहुंच जाता है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के रास्ते में आने
के कारण है इस जिले में कभी-कभी जुलाई से सितंबर के दौरान भारी
बारिश होती है. यहां वार्षिक
वर्षा का औसत 1200 मि.मी. से 1400 मि.मी. है.
नागरिक सुविधाएं –
यदि जिले की नागरिक
सुविधाओं की बात करें तो यहां के लोगों को टैक्सी से लेकर एयरपोर्ट तक की सुविधा
उपलब्ध है. जिले में स्थानीय परिवहन के रूप में बस, टैक्सी की व्यवस्था
है तो यहां से बाहर जाने वाले लोगों के लिए टाटानगर जक्शंन नामक रेलवे स्टेशन व
सोनारी एयरपोर्ट भी है. साथ ही लोगों की सुविधा के लिए इस जिले से राष्ट्रीय राजमार्ग 2, 6, 32, 33 होकर
गुजरता है.
वहीं बैंकिंग सेवाओं
की बात करें तो पूर्वी सिंहभूम में कुल 11 बैंक है. वहीं जमशेदपुर में जिले का
डाकघर बना हुआ है. सुरक्षा
के लिहाज़ से यहां 36 पुलिस स्टेशन भी हैं. किन्तु स्वास्थ्य
व्यवस्था के आधार पर यह जिला काफी पिछड़ा प्रतीत होता है तथा यहां महज 3 अस्पताल
ही बनें हैं.
शिक्षा व्यवस्था –
शिक्षा के दृष्टिकोण
से पूर्वी सिंहभूम एक प्रगतिशील जिला है. प्राथमिक स्तर पर यहां कुल 1344
प्राथमिकी विद्यालय, 576 मध्य विद्यालय तथा 88 हाई स्कूल हैं. इसके अलावा
जिले में 9 डिग्री कॉलेज व 5 अंतर कॉलेज हैं.
पर्यटन स्थल –
पर्यटन स्थलों के लिहाज़ से यह जिला ज्यादा संपन्न नहीं है.
सिंहभूम जिले के प्रमुख पर्यटक स्थल इस प्रकार हैं –
1. डिमना झील –
जमशेदपुर शहर से 15 किमी की दूरी पर स्थित डिमना झील
बोड़ाम ब्लॉक में स्थित है, जिसका निर्माण टाटा स्टील द्वारा
कराया गया है. पर्यटक यहां इस आकर्षक झील की खूबसूरती को देखने व नौकायन का आनंद
लेने आते हैं. नवंबर से फरवरी के दौरान यहां खासी भीड़ रहती है. यह झील दलमा वन्यारण्य
के करीब स्थित है.
2. दालमा वन्य जीवन अभयारण्य –
दालमा वाइल्ड लाइफ अभयारण्य जमशेदपुर से 10 किमी की दूरी पर वन विभाग व टिस्को के दल्मा पहाड़ी गेस्टहाउस के शीर्ष पर स्थित है. इसका निर्माण कार्य सन् 1975 में शुरू किया गया था. यहां एक शिव मंदिर भी है, जो कि शिव रात्रि के समय क्षेत्र में आकर्षण का प्रमुख केन्द्र बन जाता है. इस पहाड़ी के शीर्ष पर सुबरनेरेखा नदी और खारकाई नदी के संगम देखने को मिलता है. इस वन में पर्यटकों को जंगली हाथी, बाघ और हिरण भी देखने को मिलते हैं.
3. जुबली पार्क -
यह पार्क जमशेदपुर शहर में साकची क्षेत्र में स्थित है. लोग यहां टहलने, व्यायाम करने व साइकिलिंग करने आते हैं. यह पार्क अनेक आकर्षणों का केन्द्र है, जहां विशाल पार्क, मनोरंजन केंद्र, फव्वारे और एक चिड़ियाघर भी मौजूद है. लोग ज्यादातर पिकनिक मनाने या आउटडोर गेम्स का लुत्फ उठाने भी यहां आते हैं.
REFERENCE :
http://www.districtsinindia.com/east-singhbhum-jharkhand/
http://www.jharkhand.gov.in/web/east-singhbhum
https://www.census2011.co.in/data/district/111-purbi-singhbhum-jharkhand.html
https://jamshedpur.nic.in/geographicalfeature/
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