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Bhartiya Janta Party - चुनाव घोषणा पत्र, जो मुख्यत: सुशासन और विकास के प्रमुख मुद्दों के इर्दगिर्द घूमता है, में महंगाई, भ्रष्टाचार, काले धन और ढुलमुल नीतियों की चिंताओं से निपटने में पार्टी के ध्यान पर विस्तार से चर्चा की गई है। एक पारदर्शी सरकार सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी लोकपाल की स्थापना, आतंकवाद विरोधी तंत्र को पुनर्जीवित करने, काम और मल्टी-ब्राण्ड रिटेल क्षेत्र को छोड़कर सभी क्षेत्रों में परिसंपत्ति निर्माण के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने, सीमान्ध्रा और तेलंगाना को पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने, एक उच्च गति रेल नेटवर्क की डायमण्ड चतुर्भुज परियोजना शुरू करने, मदरसा आधुनिकीकरण और शौचालय की सुविधाओं में सुधार घोषणा पत्र के मुख्य आकर्षण में से एक हैं।

प्रस्तावनाव

प्रस्तावनाविश्व की प्राचीनतम और जीवंत सभ्यताओं में भारतीय सभ्यता का स्थान अप्रतिम है। भारत का न सिर्फ एक महान अतीत और अत्यन्त प्राचीन इतिहास है, वरन् लोग मानते हैं कि यह एक विराट सम्पदा और ज्ञान से युक्त देश है। भारत को निरन्तर विदेशी हमलों और गुलामी का सामना करना पड़ा है। इसके कारण भारत का गौरव तथा इसकी अभूतपूर्व उपलब्धियों को धक्का लगा है। वे भारतीय, विशेषरूप से अंग्रेजों की शिक्षा प्रणाली में पढे़-लिखे लोग भारत की संस्कृति और सभ्यता की महानता ही नहीं खो बैठे हैं, बल्कि वे अपनी तकनीकी उपलब्धियों तथा विपुल प्राकृतिक संसाधनों से भी दृष्टि हटा बैठे हैं।इतिहास साक्षी है कि भारत एक अपार वैभव का देश था। ईश्वर ने इसे शस्य श्यामला, सुजलां सुफलाम् धरा का वरदान दिया है। दुनिया में भारत के किसानों को सर्वोत्कृष्ट कृषि विशेषज्ञ माना जाता था। चैथी शताब्दी ई0पूर्व से 19वीं शताब्दी के आरम्भ तक इन यात्रियों के वृŸाांत बताते हैं कि विश्व हमारी कृषि समृद्धि देखकर अचम्भित रह जाता था। तंजौर शिलालेखों (900-1200 ई0) और रामनाथपुरम शिलालेखों (1325 ई0) के रिकार्ड से पता चलता है कि यहां प्रति हेक्टेयर 15 से 20 टन धान की पैदावार होती थी। अतः आवश्यक है कि भारत पुनः उस कृषि तकनीकी को खोजे जिसमें हम अपनी बुद्धि और कृषि दक्षता का प्रयोग करते थे जिससे हमारा देश खाद्य के भण्डार से परिपूर्ण रहता था।भारतीय अर्थव्यवस्था भी उतनी ही समृद्ध थी जितनी हमारी कृषि। मैगस्थनीज से लेकर फाह्यान, ह्वेनसांग तक सभी विदेशियों ने भारत की भौतिक समृद्धि का गुणगान किया है। 1780 के कालखण्ड में बिहार के ग्रामों को स्वच्छता एवं आतिथ्य का श्रेष्ठ उदाहरण माना जाता था। गलियों की सफाई और धुलाई होती थी। प्रजा में यात्रियों के आतिथ्य-सत्कार तथा उनकी आवश्यकताओं को पूर्ण करने के प्रति असाधारण भाव रहता था।पुराने ब्रिटिश दस्तावेजों से पता चलता है कि 18वीं और 19वीं शताब्दी के आरम्भ के ब्रिटेन के मुकाबले भारत तकनीकी और शैक्षिक क्षेत्रों में कहीं उन्नतिशील देश था। इसकी कृषि तकनीकी और उत्पादकता के रूप में चरमोत्कृष्ट थी, यहां लोहे और इस्पात का बढ़िया स्तर का उत्पादन होता था। दिल्ली महरौली स्थित लौह-स्तम्भ ने 1500 वर्षों से भी अधिक समय के थपेड़े झेले हैं और इस पर भी धूल जमने या जंग लगने के चिह्न नहीं है। विश्व के धातु-विज्ञानी तकनीकी के इस उच्च स्तर पर आश्चर्यचकित थे। भारत का वस्त्र उद्योग ब्रिटिश-पूर्व समय में एक बड़ा औद्योगिक उद्यम था। 18वीं शताब्दी के अंत तक भारत वस्त्र उद्योग का सबसे बड़ा निर्माता और निर्यातक रहा है, जबकि चीन का दूसरा नम्बर था।प्रस्तावनाव

भारत में खगोलशास्त्र, गणित, रसायन, भौतिकी और जीवविज्ञान में जो आधुनिकतम उल्लेख मिलता है, विश्वभर में इन सभी की मान्यता थी। औषधि और शल्य चिकित्सा के क्षेत्रों में भी इसका योगदान विख्यात है। जीवंत सभ्यता के निर्माण में आयुर्वेद और योग का योगदान विश्व को भारत का सर्वोत्कृष्ट उपहार है। भारत प्लास्टिक शल्य चिकित्सा का ज्ञान रखता था और शताब्दियों से इसमें पारंगत रहा है और वास्तव में तो यहीं आधुनिक प्लास्टिक शल्य चिकित्सा का आधार भी है। डा0 एडवर्ड जेभर द्वारा आविष्कृत वेक्सीनेशन से पहले भारत सदियों से टीका लगाकर इलाज करता था।

प्रस्तावनाव

प्रस्तावनाव

 देश बचाओ अब की बार  भाजपा लाओ जनकेंद्रित और जनप्रेरित नीतियां पारदर्शी सरकार, जवाबदेह सरकारहमारा संकल्पएक मात्र ग्रन्थ - ‘संविधान’ एकमात्रा शक्ति - ‘जनशक्ति’ एकमात्रा प्रार्थना  - ‘जनता की भलाई’ एक रास्ता - ‘सबका साथ-सबका विकास’सरकार का दर्शन - ‘सबसे पहले भारत’

अदालतोंकी संख्या दुगुनी करनेका लक्ष्य हासिल करना व फास्ट ट्रैक अदालतोंका गठन करना। कार्यक्रम चालू करना। एक प्रभावशाली लोकपाल बनाना; साथ ही साथ इ-ग्राम और विश्वग्राम प्रधानमंत्री कार्यालय केअंतर्गत एक संस्था का गठन कर प्रशासनिक सुधार। व्यवस्थागत सुधारसर्वश्रेष्ठ परंपराओंसेप्रेरित और संविधान की भावना केअनुसार समान नागरिक संहिता।गंगा मेंनिर्मलता व उसकेप्रवाह मेंनिरंतरता तथा सभी प्रमुख नदियोंकी स्वच्छता सुनिश्चित करना।

विरासत का अंग होनेऔर थोरियम भंडार  के तथ्यों को दृष्टिगत रखा जाएगा। गाय और गौवंश की रक्षा की जाएगी।रामसेतु, सेतु-समुद्रम चैनल परियोजना पर निर्णय लेतेसमय उसकेहमारी सांस्कृतिक संविधान केदायरेमेंराम मंदिर केनिर्माण केलिए सभी विकल्पोंकोतलाशा जाएगा।जनसंख्या स्थिरीकरण कोएक राष्ट्रीय मिशन कार्यक्रम केरूप मेंचालूकिया जाएगा। एक “राष्ट्रीय हुनर मिशन” स्थापित करना।क्षेत्रीय भाषाओंकोप्रोत्साहन तथा सभी भाषाओंकेरिकॉर्ड कोडिजिटिलाइजेशन करना। सांस्कृतिक महत्व सेजुड़ी धरोहरोंजैसेहिमालय, मरुस्थल क्षेत्रोंतथा प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित 50 पर्यटन सर्किट बनाना।

देश कोनई ऊंचाई पर लेजानेवालेअन्य सार्थक कदम  हिमालय प्रौद्योगिकी को समर्पित एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना।

 हिमालय सरंक्षण फण्ड की स्थापना।

विभिन्न प्रदेशों और क्षेत्रों को समन्वित कर अंतर-सरकारी साझेदारी के अंतर्गत एक अदभुत और अभूतपूर्व कार्यक्रम ‘‘नेशनल मिशन ऑन हिमालय’’ प्रारंभ करना।हिमालय   ‘एक  रैैंक-एकैं  पेंशन  योजना  को  लागू  करना।

पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ई सी एच एस) में सुधार तथा पूर्व सैनिक के पुनर्रोजगार इस आयोग के कार्यक्षेत्र होंगे।

पूर्व सैनिकों की तकलीफों की सुनवाई के लिए पूर्व सैनिक आयोग का गठन।कारीगर, लुहार, बुनकर, बढई, केश-कर्तक, चर्मकार और कुम्हार आदि के साथ-साथ मछुआरा समुदाय के कौशल विकास व उनके व्यवसाय को अधिक कुशल अवसर प्रदान

करने के लिए नई योजनाएं बनाई जाएंगी।बुुनकरु  और  कारीगरों   के    लिए    विशेषेे    ध्यान

असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए पहचान पत्र, श्रमिक बैंक की स्थापना, पेंशन और स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करना!असंगठितं  क्षेत्र  के  लिएप्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना के तहत - हर खेत को पानी।गांव को हर मौसम के अनुकूल सड़क से जोड़ना।गांव के  विकास    के  लिए

खुदरा विक्रेताओं, छोटे व्यापारों और विक्रेताओं के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं जाएंगे! मल्टी ब्रांड खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश की अनुमति नहीं।

उद्योगोेें   के   लिएकिसानों के लिए प्रादेशिक टी. वी. चैनल शुरू करना, ए. पी. एम्.् सी. एक्ट में सुधार लाना, भूमि उपयोग की राष्ट्रीय नीति का निर्माण और भूमि बीमा योजना लागू करना आदि।

 किसानों को उनकी लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत लाभ मिलना सुनिश्चित करना।किसानों     के    लिए टैक्स ढांचे का सरलीकरण करना और उसको न्यायसंगत बनाना।टैक्सैै    प्रणाली    में     सुधारु 4अथॉरिटी का गठन

 हर राज्य को एम्स जैसी एक स्वास्थ्य संस्था देना तथा राष्ट्रीय इ-स्वास्थ्य भारत    के  नागरिकों   को    स्वास्थ्य    सेवोे    प्रदान    करने     के    लिए  एक  ‘‘राष्ट्रªीयª  खेलकेेूद  प्रतिभा  खोज  प्रणाली”  का  प्रारंभ।

 विद्यार्थियों को ऋण देने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। राष्ट्रीय युवा सलाहकार परिषद् का गठन करना।

युवाआ  के    लिए

 शारीरिक रूप से विकलांग लोगों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए विधेयक पास करवाना।शारीरिक    रूप    से  अक्षम    लोगोेें    के    लिएवरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सहायता।

वरिष्ठ    नागरिका   के   जीवन    को   आसान    बनाना  आतंकवाद प्रतिरोधी तंत्र की स्थापना।

   सीमापार आतंकवाद और घुसपैठ से पूरी सख्ती से निबटा जायेगा।

  आतंकवाद, चरमपंथ और अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किएं जाएंगे।आतंक    के    खिलाफधारा 370 की समाप्ति।

कश्मीरी पंडितों को उनके अपने प्रदेश जम्मू-कश्मीर में ससम्मान वापसी के लिए कदम उठाना और प्रदेश में सुशासन स्थापित करना।

उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए बनाए गए मंत्रालय का सशक्तिकरण।उत्तर पूर्वी राज्यों के प्राकृतिक व मानवीय संसाधनों का दोहन कर उन्हें पश्चिमी क्षेत्रों के बराबर ला खड़ा करना।सीमा    क्षेेत्रोें    पर    विशेेषे    ध्यानअल्पसंख्यक शैक्षणिक व्यवस्था और संस्थानों को सशक्त एवं आधुनिक बनाया जऐगा। राष्ट्रीय मदरसा आध्ाुनिकीकरण कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा।अल्पसंख्यकं    -    समान    अवसरआदिवासियों के  लिए घर, पानी, बिजली शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना और उन्हें विस्थापन से बचाना।इन वर्गों के लोगों को घर, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्किल डेवलपमेंट के लिए एक मिशन चलाया जायेगा।

भाजपा सुनिश्चित करेगी कि एससी/एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए जिस फंड की व्यवस्था की गई है, उसका समुचित और बेहतर तरीके से उपयोग हो।लगाने हेतु अवसर मिल सकें।

  ऐसा वातावरण तैयार किया जाएगा जिसमंे एससी/एसटी और ओबीसी वर्ग समेत अन्य गरीब तबकों को प्राथमिकता के आधार पर शिक्षण और उद्योग  भाजपा हर स्तर पर छुआछूत और अस्पृश्यता खत्म करने के लिए संकल्पबद्ध है।एससी/एसटी/ओेेबीसी    वर्ग    -    सामाजिक    न्याय    और    सशक्तिकरण महिलाओं को विधान सभाओं एवं संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने की प्रतिबद्धता।महिलाओं के विशेष हुनर प्रशिक्षण के लिए कारोबारी प्रशिक्षण पार्क बनाएं जाएंगे।

पुलिस स्टेशनों को महिलाओं के अनुकूल बनाया जाएगा और विभिन्न स्तरों पर पुलिस में महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाएंगी। बलात्कार पीड़ित व एसिड हमलों की शिकार महिलाओं के कल्याण के लिए सरकार एक कोष का निर्माण करेगी, ताकि ऐसी महिलाओं के इलाज और उनकी कॉस्मेटिक सर्जरी के मेडिकल का खर्च उठाया जाए !

कन्याओं को बचाने और पढ़ाने के लिए एक राष्ट्रीय अभियान: बेटीेे बचाओे - बेटीेे पढ़ाओ शुरू करना।महिला  राष्ट्र   निर्मार्ता

    पांच ‘प’ - परंपरा,ं प्रतिभा, पर्यटनर्, पण (व्यापार), और प्रौद्यौैेगिकीेे की शक्तियों की सहायता से भारत को एक ब्रांड के रूप में स्थापित करना।    रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु कपड़ा, जूता, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान व पर्यटन को विशेष रूप से बढ़ावा देना।    उद्यमिता विकास और व्यापक ऋण सुविधा के माध्यम से रोजगार निर्माण।    रोजगार कार्यालयों का कॅरियर केंद्रों के रूप में परिवर्तन।रोजगारेे    को े    बढ़ावा़़    देनोे    प्रत्येक स्तर पर प्रक्रियाओं और तरीकों को सरलीकृत करना - नागरिकों, संस्थाओं और प्रतिष्ठानांे में आपसी विश्वास बढ़ाना।    प्रशासन और नागरिकांे के बीच कार्यप्रणाली में मनमानी के अवसर समाप्त करना।    इ-गवर्नेंस द्वारा पारदर्शिता को बढ़ावा।भ्रष्टाचार्र्र    निर्र्मूूलर्नू    के े    लिए    भारतीय खाद्य निगम को खरीद, भंडारण और विपणन हेतु तीन भागों में बांटना।    जमाखोरी, कालाबाजारी रोकने हेतु विशेष अदालतों की स्थापना, अपराधियों को त्वरित दंड व्यवस्था।    दाम न बढंे़ इसके लिए अलग से कोष की व्यवस्था।महंर्र्गाइं     पर    नियंत्रण सुनिश्चित करना।    2    स्वतंत्रता  की  75वीं  वर्षगाँठ  (2022)  तक  हर  परिवार  को  एक  पक्का  घर    हर घर को नल द्वारा पानी की सप्लाई।    पर्यटन रेल नेटवर्क बनाना।    कृषि उत्पाद वितरण हेतु रेल नेटवर्क बनाना।    बुलेट रेलगाड़ियों की हीरक चर्तुर्भुज परियोजना शुरू करना।    राष्ट्रीय वाई-फाई नेटवर्क खड़ा करना।    राष्ट्रीय गैस ग्रिड निर्माण करना।    मनरेगा को चालू रखते हुए इसको उत्पादक कार्यों से जोड़ना।    एक व्यापक राष्ट्रीय ऊर्जा नीति का निर्माण करना।    कुटीर और छोटे उद्योगांे में कार्यरत परंपरागत कारीगरों को अपनी क्षमताओं का विकास हेतु ऋण सुविध्ाा और बाजार से जुड़ाव स्थापित करने में मदद देना।    देश भर के गांवों के विकास के लिए ग्रामीण हाट का जाल बिछाना और गांवों में शहरों जैसी सुविध्ााएं मुहैय्या करना।    प्रत्येक व्यक्ति का अपना घर हो जिसमें बिजली, पानी तथा शौचालय की सुविधा सुलभ हो। देश के 100 सबसे पिछड़े जिलों को विकसित करके उन्हें अन्य विकसित जिलों के समकक्ष बनाना।देशे के  कोनेेे-कोेेनेेे  को  विकास सेे जोडेे़ना़़ 100 नए शहर बसाना।  क्या  करना  चाहती  है   भाजपा  देशेे  की  जनता  के   लिए  ?

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