Please wait...

Search
Search by Term. Or Use the code. Met a coordinator today? Confirm the Identity by badge# number here, look for BallotboxIndia Verified Badge tag on profile.
 Search
 Code
Click for Live Research, Districts, Coordinators and Innovators near you on the Map
Searching...loading

Search Results, page {{ header.searchresult.page }} of (About {{ header.searchresult.count }} Results) Remove Filter - {{ header.searchentitytype }}

Oops! Lost, aren't we?

We can not find what you are looking for. Please check below recommendations. or Go to Home

बिहार में गंगा का कहर, बाढ़ से जीवन अस्त व्यस्त ऐसे में लालू यादव ने दिया विवादित बयान

Swarntabh Kumar Swarntabh Kumar 1021   {{descmodel.currdesc.readstats }} {{descmodel.attruser || 'Attribute'}} {{descmodel.upgradeduser || 'Upgrade'}} {{descmodel.downgradeduser || 'Downgrade'}}

Originally Posted by {{descmodel.currdesc.parent.user.name || descmodel.currdesc.parent.user.first_name + ' ' + descmodel.currdesc.parent.user.last_name}} {{ descmodel.currdesc.parent.user.totalreps | number}}   {{ descmodel.currdesc.parent.last_modified|date:'dd/MM/yyyy h:mma' }}

लालू के बयान से विवाद 

बिहार में गंगा मैया ऐसी रुष्ट रुष्ट हुई की पूरा जीवन अस्त-व्यस्त होकर रह गया है. गंगा में आई बाढ़ के कारण बिहार की कई इलाके डूब गए हैं. बाढ़ पीड़ितों का बुरा हाल है और ऐसे समय में जब सरकारी सहायता की अदद जरूरत है तब वैसे समय में हमारे नेता अब बड़बोलापन समाज और जनता के प्रति उनकी मानसिकता को भी दर्शाता है. इसमें कोई संदेह नहीं कि लालू प्रसाद यादव के बोलने की शैली ने उन्हें अलग पहचान दी है. अपनी भाषण कला से उन्होंने लोगों को प्रभावित किया है और साथ में हंसाया भी है. मगर बाढ़ पीड़ितों को पर दिए गए उनके बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है. 

गंगा खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर ऊपर 

बिहार में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई है इसके बावजूद गंगा खतरे के निशान से कहीं ऊपर बह रही है. कम बरसात होने के बाद भी गंगा खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर ऊपर है. बिहार के कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है और इसकी गंभीरता को समझने के बजाए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने इस पर विवादित बयान दिया है. बाढ़ पीड़ितों का बुरा हाल है मगर लालू यादव का कहना है कि गंगा को अपने दरवाजे पर देखना अच्छा संकेत है. लालू प्रसाद ने बिहार के बाढ़ पीड़ितों से कहा कि वे लोग बेहद किस्मत वाले हैं क्योंकि हर किसी को घर बैठे बैठे गंगाजल प्राप्त नहीं होता. 

गंगा आपके घर पर आई है 

इंडिया टुडे के अनुसार, उन्होंने न्यूज़ रिपोर्टर से कहा कि यह लोग बेहद ही भाग्यशाली हैं की गंगा इनके दरवाजे पर पहुंची है. ऐसा हमेशा नहीं होता. गंगा प्राप्ति के लिए ज्यादातर मामलों में आपको गंगा के पास जाना पड़ता है. हो सकता है कि लालू यादव का निशाना भारतीय जनता पार्टी की तरफ हो. केंद्र सरकार की तरफ से हाल ही में एक योजना शुरु की गई है जिसके तहत भारतीय पोस्ट ऑफिस के जरिए लोगों को उनके घर पर गंगाजल मुहैया करवाया जाएगा. मान भी लिया जाए कि लालू प्रसाद यादव का हमला भारतीय जनता पार्टी की तरफ था बावजूद इसके हम उनके बयान को किसी भी तरह से सही नहीं मान सकते. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते ही सही उनका बाढ़ पीड़ितों के लिए संजीदा होना बेहद जरूरी है.

बिहार में सामान्य से कम वर्षा फिर भी बाढ़ के हालात

आपको बता दें कि बिहार का औसतन वर्षापात 1200 एमएम है. मगर बीते 10 वर्षों में महज दो वर्ष ही ऐसे थे जब बिहार में 1000 एमएम से अधिक बारिश हुई है. कुछ ऐसा ही हाल इस वर्ष भी है जब बिहार में पर्याप्त बारिश नहीं हो पाई है. बिहार में इस साल भी सामान्य से 14 प्रतिशत कम बरसात हुई है. लेकिन दिन प्रतिदिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं. जानकार इसका बड़ा कारण नेपाल और भारत के ही दूसरे राज्यों को मानते हैं. जानकारों का मानना है कि नेपाल में हुई बारिश का असर बिहार पर पड़ता है, नेपाल में हुई बरसात के कारण सीमांचल की नदियों में पानी का उफान आ जाता है. तो वही झारखंड में जबरदस्त बारिश होने से फलगु नदी में बाढ़ आती है और उसका भी हर्जाना बिहार को चुकाना पड़ता है. और फिर रही सही कसर बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य जगहों में हुई बारिश के कारण पूरी हो जाती है.

दिनोंदिन बाढ़ की स्थिति हो रही है खराब 

इस बार भी बिहार को बाढ़ का प्रकोप कम बारिश होने के बावजूद पड़ोसी देश और दूसरे राज्यों के कारण झेलना पड़ रहा है. बिहार का अधिकतर हिस्सा नेपाल और इन्हीं पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश और झारखंड में हुई बारिश की वजह से डूब गया है. दिनोंदिन यहां बाढ़ की स्थिति और खराब होते जा रही है.  हालात खतरनाक हुए हैं और पिछले दो दिनों में स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ गई है. इस हालात के और भी ज्यादा खतरनाक होने की आशंका है क्योंकि मध्य प्रदेश के बाण सागर बांध से छोड़ा गया पानी बिहार पहुंच चुका है. जिसके कारण गंगा और सोन नदी मैं बेहद उफान आ गया है. गंगा बेसिन से जुड़े बक्सर, आरा, छपरा, वैशाली, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, समस्तीपुर, मुंगेर, भागलपुर जैसे जिलों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. गंगा में कटान के कारण मालदा जिले के 135 घर बह गए हैं,तो वहीं 20 गांव बाढ़ के पानी में डूब गए हैं.

नेताओं को संजीदा होना जरुरी 

बिहार के हालात बेहद बुरे हैं. बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक और मानसिक दोनों रूप में बेहद क्षति पहुंची है ऐसे में जब आप उनके लिए कुछ कर नहीं सकते यहां तक कि उन्हें संतावना भी नहीं दे सकते तो ऐसे में उनका मजाक बनाना किसी भी नेता के लिए कहां तक उचित है. राजनीति का गिरता स्तर देश के लिए बेहद बुरा है. जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के इस तरह के बोल चकित करते हैं. जिस जनता ने आपको चुनकर समाज का उत्तर दायित्व दिया है उसी समाज के प्रति आपका इस तरह चेतनाशून्य व्यवहार कहीं से भी शोभा नहीं देता. ना जाने विनाश व मौत पर राजनीति और हास्य करना कब छोड़ेंगे हमारे नेता. लालू जी इस दर्द को शायद आप कभी नहीं समझेंगे जब आप दुख बांट नहीं सकते तो कुछ कहकर उन्हीं ठेस भी तो ना पहुंचाएं.

Lalu Yadav...tta.pdf

-स्वर्णताभ

  Show     Edit     Publish    Un-Publish   Alt Title

Title

Edit Description

User Tip: Click for a full screen editor, To insert an image.

How It Works

ये कैसे कार्य करता है ?

start a research
Follow & Join.

With more and more following, the research starts attracting best of the coordinators and experts.

start a research
Build a Team

Coordinators build a team with experts to pick up the execution. Start building a plan.

start a research
Fix the issue.

The team works transparently and systematically fixing the issue, building the leaders of tomorrow.

start a research
जुड़ें और फॉलो करें

ज्यादा से ज्यादा जुड़े लोग, प्रतिभाशाली समन्वयकों एवं विशेषज्ञों को आकर्षित करेंगे , इस मुद्दे को एक पकड़ मिलेगी और तेज़ी से आगे बढ़ने में मदद ।

start a research
संगठित हों

हमारे समन्वयक अपने साथ विशेषज्ञों को ले कर एक कार्य समूह का गठन करेंगे, और एक योज़नाबद्ध तरीके से काम करना सुरु करेंगे

start a research
समाधान पायें

कार्य समूह पारदर्शिता एवं कुशलता के साथ समाधान की ओर क़दम बढ़ाएगा, साथ में ही समाज में से ही कुछ भविष्य के अधिनायकों को उभरने में सहायता करेगा।

How can you make a difference?

Do you care about this issue? Do You think a concrete action should be taken?Then Follow and Support this Research Action Group.Following will not only keep you updated on the latest, help voicing your opinions, and inspire our Coordinators & Experts. But will get you priority on our study tours, events, seminars, panels, courses and a lot more on the subject and beyond.

आप कैसे एक बेहतर समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं ?

क्या आप इस या इसी जैसे दूसरे मुद्दे से जुड़े हुए हैं, या प्रभावित हैं? क्या आपको लगता है इसपर कुछ कारगर कदम उठाने चाहिए ?तो नीचे फॉलो का बटन दबा कर समर्थन व्यक्त करें।इससे हम आपको समय पर अपडेट कर पाएंगे, और आपके विचार जान पाएंगे। ज्यादा से ज्यादा लोगों द्वारा फॉलो होने पर इस मुद्दे पर कार्यरत विशेषज्ञों एवं समन्वयकों का ना सिर्फ़ मनोबल बढ़ेगा, बल्कि हम आपको, अपने समय समय पर होने वाले शोध यात्राएं, सर्वे, सेमिनार्स, कार्यक्रम, तथा विषय एक्सपर्ट्स कोर्स इत्यादि में सम्मिलित कर पाएंगे।
Communities and Nations where citizens spend time exploring and nurturing their culture, processes, civil liberties and responsibilities. Have a well-researched voice on issues of systemic importance, are the one which flourish to become beacon of light for the world.
समाज एवं राष्ट्र, जहाँ लोग कुछ समय अपनी संस्कृति, सभ्यता, अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझने एवं सँवारने में लगाते हैं। एक सोची समझी, जानी बूझी आवाज़ और समझ रखते हैं। वही देश संसार में विशिष्टता और प्रभुत्व स्थापित कर पाते हैं।
Share it across your social networks.
अपने सोशल नेटवर्क पर शेयर करें

Every small step counts, share it across your friends and networks. You never know, the issue you care about, might find a champion.

हर छोटा बड़ा कदम मायने रखता है, अपने दोस्तों और जानकारों से ये मुद्दा साझा करें , क्या पता उन्ही में से कोई इस विषय का विशेषज्ञ निकल जाए।

Got few hours a week to do public good ?

Join the Research Action Group as a member or expert, work with right team and get funded. To know more contact a Coordinator with a little bit of details on your expertise and experiences.

क्या आपके पास कुछ समय सामजिक कार्य के लिए होता है ?

इस एक्शन ग्रुप के सहभागी बनें, एक सदस्य, विशेषज्ञ या समन्वयक की तरह जुड़ें । अधिक जानकारी के लिए समन्वयक से संपर्क करें और अपने बारे में बताएं।

Know someone who can help?
क्या आप किसी को जानते हैं, जो इस विषय पर कार्यरत हैं ?
Invite by emails.(*Login required)
ईमेल से आमंत्रित करें
Or, Invite your contacts from
अपने मित्रों को आमंत्रित करें
Google Yahoo
Follow BallotboxIndia on

BallotboxIndia

India's Solutions Exchange

We @BallotboxIndia are constantly researching on systemic issues plaguing

Log in with Social Networks

BallotboxIndia is built with BallotboxIndia is built by Indian Engineers, Technocrats and Researchers. by Indian Engineers, Technocrats and Researchers.

BallotboxIndia

India's Solutions Exchange

BallotboxIndia is Finding and Nurturing the leaders of tomorrow.
Using Cutting Edge Technology to Support Research Based Actions as Ballot.
Are you a problem solver, who cares to act if something just isn’t right?
Or want to know who is taking the next step to make India better?
Yes?

Connect with Social Networks

Or Connect with Email

BallotboxIndia is built with by Indian Engineers, Technocrats and Researchers.

*Your details are secured and never shared with any third party.

Follow Follow k