Ad
Search by Term. Or Use the code. Met a coordinator today? Confirm the Identity by badge# number here, look for BallotboxIndia Verified Badge tag on profile.
 Search
 Code
Searching...loading

Search Results, page of (About Results)

काली उद्धार की ओर बढ़ते कदम - ग्रामवासियों, प्रशासन के साथ ही अब केंद्र सरकार ने भी ली सुध

पूर्वी काली नदी : संरक्षण  एवं परियोजनाएं

पूर्वी काली नदी : संरक्षण एवं परियोजनाएं Kali Calling - Invitation to everyone for Shramdaan at Kali river origin place in Antwara village

ByRaman Kant Raman Kant   41

काली नदी को एक बार फिर से अपने उद्गम स्थल पर कलकल बहते देखने के लिए जो मुहिम नीर फाउंडेशन ने शुरू की

काली नदी को एक बार फिर से अपने उद्गम स्थल पर कलकल बहते देखने के लिए जो मुहिम नीर फाउंडेशन ने शुरू की थी, उसे पहले ग्रामवासियों, फिर प्रशासन और मीडियाकर्मियों ने धीरे धीरे आगे बढ़ाया. आज काली नदी और उद्गम स्थल अंतवाडा चर्चा में हैं, जिसकी खबर केंद्र सरकार के कानों में भी पड़ रही है. मुज्जफरनगर से सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान के साथ साथ अब जल्द ही जलशक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी काली पुनर्जीवन अभियान में हाथ बंटाने की बात की है. 

संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त होने के बाद जलशक्ति मंत्री स्वयं मेरठ आएंगे और काली उद्गम स्थल का निरीक्षण करेंगे. काली के प्रदूषण, अतिक्रमण आदि समस्याओं को लेकर जलशक्ति मंत्रालय गंभीर हैं और जल्द ही नमामि गंगे योजना व जलशक्ति मंत्रालय के सहयोग से नदी को स्वच्छ करने का प्रयास किया जायेगा. 

काली को संवारने में जुटे हैं डॉ संजीव बालियान 

सोमवार को केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान ने भी केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से काली नदी विकास कार्यों के बारे में चर्चा की. उनके साथ साथ अन्य सांसदों व विधायकों ने भी दिल्ली में हुयी इस शिष्टाचार मुलाकात में हिस्सा लिया. विधायक उमेश मलिक, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधायक प्रमोद ऊंटवाल, सांसद कैराना प्रदीप चौधरी सहित अन्य मान्य गणों ने जलशक्ति मंत्री से मिलकर उन्हें अंतवाडा में जारी नदी पुनर्जीवन प्रयासों और शुक्रताल तीर्थ जीर्णोद्धार के विषय में चर्चा की, जिस पर मंत्री जी ने पूरा पूरा सहयोग करने और गंभीरता से कार्य करने का आश्वासन दिया.    

Ad

काली के साथ अंतवाडा के भी कायाकल्प में लगे ग्रामवासी 

अंतवाडा गाँव पहले से काफी बदला बदला नजर आने लगा है, यहां काली नदी को लेकर काफी अधिक चहल पहल है. इसके साथ ही गांववासी अब गांव के संरक्षण की ओर भी ध्यान देने लगे हैं. जब से केंद्रीय राज्यमंत्री ने आदर्श योजना के तहत गांव को गोद लेने की बात रखी है, तभी से ग्रामवासी भी स्वच्छता, जनहित आदि कार्यक्रमों को लेकर संजीदगी के साथ कार्य कर रहे हैं. मंत्री मोहदय के निरीक्षण के दौरान गांव के युवाओं ने खेल के मैदानों को भी साफ़ बनाने की मांग की थी, उन्होंने बताया था कि मैदान के बाहर और अंदर गन्दगी भरी है और कूड़े का ढेर लगा है. इसके बाद से ही ग्रामवासियों ने एकजुटता से कार्य करते हुए मैदान में पसरी गन्दगी को हटाना शुरू कर दिया है. कूड़े और गोबर का अंबार धीरे धीरे हटने लगा है, जिससे जल्द ही खेल का मैदान साफ़ हो जायेगा. 

काली नदी को एक बार फिर से अपने उद्गम स्थल पर कलकल बहते देखने के लिए जो मुहिम नीर फाउंडेशन ने शुरू की

Ad

इसके साथ ही ग्रामवासी नदी खुदाई के साथ साथ ही पौधारोपण, नदी पूजन जैसे कार्यों में भी भागीदारी कर रहे हैं. उन्होंने नदी को देखने के लिए दूर-दराज से आ रहे लोगों के लिए किनारे पर आरामशाला के रूप में झोपडी का भी निर्माण किया है. हाल ही में संपन्न हुयी पंचायत में भी ग्रामवासियों ने हरसंभव सहायता की बात रखी. 

एनजीटी के आदेश पर की जाएगी नदी की सीमाबंदी 

Ad

एक ओर जहां अंतवाडा में नदी सेवा अभियान जारी रखते हुए किसानों ने लगभग 143 बीघा जमीन छोड़ दी है, वहीं आज भी नदी की बहुत सी जमीन अधिग्रहण हो रखी है. काली नदी को पाटकर लोगों ने कारखाने, मकान या फिर खेती के लिए ज़मीन कब्जे में ली हुयी है. जिस पर एनजीटी ने सख्त रवैया अपनाते हुए आदेश दिया है कि नदी की जमीन खली कराकर उसकी सीमा निर्धारित की जाये. उन्होंने इस कार्य को सफल करने के लिए सिंचाई विभाग को संज्ञान लेने को कहा है और इसके लिए आईआईटी रुड़की से सहायता मांगी गयी है. 

काली नदी के बाढ़कृत मैदानों को चिन्हित करने के बाद सिंचाई विभाग पिलर गाड़कर नदी की सीमा निर्धारित कर देगा. आदेशनुसार नदी के दोनों ओर हर 100 मीटर की दूरी पर कंक्रीट के पिलर लगाये जायेंगे, जिन पर आने वाला खर्चा लगभग दो से ढाई करोड़ तक आएगा. नदी मित्र रमन कांत ने बताया कि एक बार सीमांकन होने के उपरांत वन विभाग के सहयोग से नदी की दोनों ओर पौधारोपण का कार्य सुचारू रूप से कराया जायेगा, जिससे प्राकृतिक रूप से नदी का जलस्तर बढ़ेगा और पुनर्जीवन मिलेगा. 

जारी है तालाबों की खुदाई 

अंतवाडा में उद्गम पर लोगों की आवाजाही जारी है, साथ ही निदेशक रमनकांत ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी कार्ययोजना पर चर्चा की है, जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी. यहां बनने वाले तालाबों की खुदाई का कार्य भी निरंतर जारी है. थोड़े समय के लिए बारिश के कारण नदी कार्य में विलम्ब अवश्य हुआ था, जो अब पुनः उसी रफ़्तार के साथ जारी है.       

वहीं काली नदी के उद्धार के लिए किये जा रहे प्रयासों और नदी धारा को देखने के लिए महामंडलेश्वर स्वामी श्री शिव प्रेमानंद जी महाराज नंगली तीर्थ हरिद्वार से नदी उद्गम स्थल अंतवाड़ा गांव पहुंचे. उन्होंने नदी पुनर्जीवन के लिए किए जा रहे प्रयासों को सराहा तथा एक ऐतिहासिक व सुंदर कार्य का बीड़ा उठाने के लिए नीर फाउंडेशन और उपस्थित सभी जनों को धन्यवाद दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि नंगली आश्रम भी इस पुनीत क्रम में पूर्ण सहयोग करेगा, ताकि काली फिर अविरल बनकर प्रवाहित हो सके.

काली नदी को एक बार फिर से अपने उद्गम स्थल पर कलकल बहते देखने के लिए जो मुहिम नीर फाउंडेशन ने शुरू की

Leave a comment for the team.
रिसर्च को सब्सक्राइब करें

इस रिसर्च पर अपडेट पाने के लिए और इससे जुड़ने के लिए अपना ईमेल आईडी नीचे भरें.

ये कैसे कार्य करता है ?

start a research
जुड़ें और फॉलो करें

ज्यादा से ज्यादा जुड़े लोग, प्रतिभाशाली समन्वयकों एवं विशेषज्ञों को आकर्षित करेंगे , इस मुद्दे को एक पकड़ मिलेगी और तेज़ी से आगे बढ़ने में मदद ।

start a research
संगठित हों

हमारे समन्वयक अपने साथ विशेषज्ञों को ले कर एक कार्य समूह का गठन करेंगे, और एक योज़नाबद्ध तरीके से काम करना सुरु करेंगे

start a research
समाधान पायें

कार्य समूह पारदर्शिता एवं कुशलता के साथ समाधान की ओर क़दम बढ़ाएगा, साथ में ही समाज में से ही कुछ भविष्य के अधिनायकों को उभरने में सहायता करेगा।

आप कैसे एक बेहतर समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं ?

क्या आप इस या इसी जैसे दूसरे मुद्दे से जुड़े हुए हैं, या प्रभावित हैं? क्या आपको लगता है इसपर कुछ कारगर कदम उठाने चाहिए ?तो नीचे फॉलो का बटन दबा कर समर्थन व्यक्त करें।इससे हम आपको समय पर अपडेट कर पाएंगे, और आपके विचार जान पाएंगे। ज्यादा से ज्यादा लोगों द्वारा फॉलो होने पर इस मुद्दे पर कार्यरत विशेषज्ञों एवं समन्वयकों का ना सिर्फ़ मनोबल बढ़ेगा, बल्कि हम आपको, अपने समय समय पर होने वाले शोध यात्राएं, सर्वे, सेमिनार्स, कार्यक्रम, तथा विषय एक्सपर्ट्स कोर्स इत्यादि में सम्मिलित कर पाएंगे।
समाज एवं राष्ट्र, जहाँ लोग कुछ समय अपनी संस्कृति, सभ्यता, अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझने एवं सँवारने में लगाते हैं। एक सोची समझी, जानी बूझी आवाज़ और समझ रखते हैं। वही देश संसार में विशिष्टता और प्रभुत्व स्थापित कर पाते हैं।
अपने सोशल नेटवर्क पर शेयर करें

हर छोटा बड़ा कदम मायने रखता है, अपने दोस्तों और जानकारों से ये मुद्दा साझा करें , क्या पता उन्ही में से कोई इस विषय का विशेषज्ञ निकल जाए।

क्या आपके पास कुछ समय सामजिक कार्य के लिए होता है ?

इस एक्शन ग्रुप के सहभागी बनें, एक सदस्य, विशेषज्ञ या समन्वयक की तरह जुड़ें । अधिक जानकारी के लिए समन्वयक से संपर्क करें और अपने बारे में बताएं।

क्या आप किसी को जानते हैं, जो इस विषय पर कार्यरत हैं ?
ईमेल से आमंत्रित करें
The researches on ballotboxindia are available under restrictive Creative commons. If you have any comments or want to cite the work please drop a note to letters at ballotboxindia dot com.

Code# 52866

ज़ारी शोध जिनमे आप एक भूमिका निभा सकते है.

Follow