Shailendra Singh
H E School(Lucknow-Lucknow-226006)नाम – शैलेन्द्र सिंह पद – समाज सेवक, लखनऊ नवप्रवर्तक कोड – 71183294 परिचय – इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम.ए. कर चुके शैलेन्द्र सिंह करीब 10 साल तक उत्तर- प्रदेश पुलिस में अपनी सेवा दे चुके हैं. वह जब स्कॉलरशिप से पी.एच.डी. कर रहे थे, उसी वक्त उनका चय
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Biography & background — self/editorially authored, may be outdated
नाम – शैलेन्द्र सिंह
पद – समाज सेवक, लखनऊ
नवप्रवर्तक कोड –
परिचय –
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम.ए. कर चुके शैलेन्द्र सिंह करीब 10 साल तक उत्तर- प्रदेश पुलिस में अपनी सेवा दे चुके हैं. वह जब स्कॉलरशिप से पी.एच.डी. कर रहे थे, उसी वक्त उनका चयन पुलिस विभाग में डिप्टी एस.पी. के रूप में हो गया था. इसके 2004 में उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया व राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में कदम रखा.

कई वर्षों से जनसेवा कर रहे शैलेन्द्र सिंह ने अबतक कई राजनीतिक दलों से
लोकसभा व विधानसभा चुनाव लड़े हैं. इसके उपरांत पिछले 2 वर्षों से यानि वर्ष 2016
से वह किसानों के लिए कार्य करते हुए देशी गाय आधारित कृषि अर्थव्यवस्था प्रोजेक्ट
पर कार्य कर रहे हैं. जिसके अंतर्गत वह लोगों को 1 देशी गाय से दस एकड़ खेती करना
व बिना खाद, केमिकल के प्रयोग से अधिक उत्पादन करना आदि सिखाते हैं.
संगठन का उद्भव –
देशी गाय पर आधारित कृषि अर्थव्यवस्था नामक अपने किसानों को एक संगठन के रूप में जोड़ने के लिए तथा शैलेन्द्र सिंह ने जेडपीएन नामक एक ऐप बनाया, जिसके अंतर्गत 13,000 किसान रजिस्टर्ड हैं. वहीं उपभोक्ताओं को इस प्रोजेक्ट से जोड़ने के लिए उन्होंने एक अन्य होम डिलिवरी ऐप बनाया है, जिससे कि उपभोक्ताओं के घर पर ही संबंधित उत्पाद पहुंचाये जा सकें. इसके अतिरिक्त इस प्रोजेक्ट के तहत डिलिवरी आदि का काम करने के लिए बेरोजगार युवा भी एक संगठन के रूप में जुड़ रहे हैं.

संगठन का उद्देश्य –
अपने संगठन को एक परिवार मानने वाले शैलेन्द्र सिंह के अनुसार यह संगठन देश की सभी प्रमुख समस्याओं का समाधान करने की मास्टर की है. क्योंकि यदि हम देशी गाय से कृषि करेंगे तो किसानों की समस्याएं जैसे कृषि का कम मूल्य मिलना आदि तो स्वतः समाप्त हो जायेंगी. वहीं युवाओं के डिलिवरी आदि कार्यों से जुड़ने के कारण उन्हें रोजगार मिलेगा तथा बेरोजगारी कम होगी.

इसके साथ ही इस प्रोजेक्ट के माध्यम से आम उपभोक्ताओं शुद्ध उत्पाद मिल सकेगा,
जिससे वह स्वस्थ व निरोगी रहेंगे. इसके अलावा केमिकल आदि का प्रयोग न होने के कारण
यह प्रोजेक्ट पर्यावरण की रक्षा करने में भी सहायक है. अतः शैलेन्द्र सिंह का कहना
है कि उनके संगठन का उद्देश्य देश के सभी लोगों को सुखी स्वस्थ रखना, किसानों का
जीवन स्तर सुधारना, रोजगार मुहैया कराना, अर्थव्यवस्था मजबूत करना तथा पर्यावरण की
रक्षा करना है.
संपन्न विकास कार्य –
पुलिस विभाग में रहते हुए उत्तर- प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ सीओ रह चुके शैलेन्द्र
सिंह ने सामाजिक रूप से सक्रिय होने के बाद से अब तक कई कार्य किये हैं. उन्होंने
आरटीआई पर काम करते हुए दो साल में एक लाख लोगों का संगठन खड़ा किया तथा ई-
गवर्नेंस के तहत कार्य करते हुए कॉमन सर्विस सेंटर खुलवाये. इसके अलावा उन्होंने
नील गायों व अन्य कई मुद्दों के लिए कोर्ट में पीआईएल भी दाखिल की है तथा सरकार को
इन मुद्दों के समाधान के लिए लिखित सुझाव भी दिये हैं. सामाजिक कार्यों के दौरान
फरवरी 2013 में उनकी भेंट देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हुई,
जिन्होंने उनके कार्यों की प्रशंसा की.
भावी परियोजनाएं –
शैलेन्द्र सिंह के अनुसार उनका लक्ष्य है कि आगे आने वाले सात- आठ सालों के अंतर्गत वह अपने संगठन का पूरे भारत में विस्तार कर सकें. इसके लिए उन्हें योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना होगा. जिसके अंतर्गत उत्तर- प्रदेश में वह तीन स्तर पर कार्य करेंगे, जिसमें कि यहां के बड़े शहरों में 10 मॉडल बनाये जायेंगे, इसमें से तीन मॉडल बन चुके हैं तथा शेष सात मॉडल 2019 तक बन जायेंगे. इसके बाद प्रदेश के शेष 63 जिलों के लोगों को इन शहरों में लाकर उन्हें देशी गाय पर आधारित कृषि अर्थव्यवस्था प्रोजेक्ट के अंतर्गत ट्रेनिंग दी जायेगी. इसके बाद इस प्रोजेक्ट को 2020- 21 तक हर जिले, 2022 तक हर ब्लॉक तथा 2024- 25 तक हर गांव तक पहुंचाने का उनका लक्ष्य है.

सामजिक कार्यों में बाधाएं –
अब तक हजारों लोगों को अपने साथ जोड़ चुके शैलेन्द्र सिंह का मानना है कि कोई
भी नई परियोजना शुरू करने पर कई तरीके की बाधाएं सामने आती हैं, जैसे कि शुरूआत
में लोग आपका भरोसा नहीं करते और कई बार मजाक भी उड़ाते हैं. इसके बाद जब आप सफल
होने लगते हो तो आपके कई तरह के दुश्मन भी बन जाते हैं. हाल ही में कुछ लोगों ने
उनका ऐप और किसानों का डेटा हैक करने की कोशिश की थी.
नीति– परिवर्तन पर विचार –
शैलेन्द्र सिंह के अनुसार वह अपने प्रोजेक्ट्स व नीतियों के लिए सरकार पर
निर्भर नहीं रहते व निजी स्तर पर ही उन्हें आगे ले जाने का काम करते हैं. उनका
मानना है कि सरकार यदि सहायता करती है तो अच्छी बात है तथा यदि नहीं करती हैं तो
वह अपनी नीतियां बना के सरकार को उनके बारे में समझायेंगे. वहीं यदि सरकार की
नीतियों पर उनके विचार हैं कि नीतियां तो लगभग सभी सरकारों की अच्छी होती हैं पर
उन्हें ठीक प्रकार से लागू नहीं किया जाता, जिस कारण वह असफल हो जाती हैं.
सामाजिक परिवर्तन पर विचार –
देशी गाय पर आधारित कृषि अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने की बात करते हुए शैलेन्द्र सिंह जी कहते हैं, कि जब समाज का हर व्यक्ति उनके प्रोजेक्ट से जुड़ेगा तो बहुत सारी समस्याएं जैसे बेरोजगारी, अपराध, पर्यावरण प्रदूषण स्वतः ही समाप्त हो जायेंगे, जिसके साथ ही समाज में जागरूकता बढ़ेगी और पिछड़े वर्ग के लोग आगे आयेंगे.

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