Ram Balak Paswan
Budhaura(Khagaria--848203)नाम : राम बालक पासवान पद : प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय जनता मजदूर संघ, बिहार (समस्तीपुर) नवप्रवर्तक कोड : 71186083 परिचय -चार दशकों के राजनीतिक अनुभव के साथ समस्तीपुर जिले की कल्याणपुर विधानसभा में सक्रिय राम बालक पासवान राजनीति का जाना-माना चेहरा हैं।
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नाम : राम बालक
पासवान
पद : प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय जनता मजदूर संघ, बिहार (समस्तीपुर)
नवप्रवर्तक कोड : 71186083
परिचय -
चार दशकों के राजनीतिक अनुभव के साथ समस्तीपुर जिले की कल्याणपुर विधानसभा में सक्रिय राम बालक पासवान राजनीति का जाना-माना चेहरा हैं। जननायक कर्पूरी ठाकुर के साथ कदम से कदम मिलाकर राजनीति व समाजसेवा की शिक्षा हासिल करने वाले राम बालक पासवान आज भी समाज व राष्ट्र सेवा के प्रति गंभीर हैं और अपने सिद्धांतों पर आधारित राजनीति के जरिए समाज को एक नई दिशा देने के क्रम में संघर्षरत हैं। मौजूदा समय में वह बिहार से भारतीय जनता मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर सेवा दे रहे हैं।
राजनीति में आगमन और भावी विज़न -
राम बालक पासवान एक गरीब परिवार से आते हैं, जहां उन्होंने अभाव में ही अपनी शिक्षा-दीक्षा प्राप्त की है। उनके पिता जी समस्तीपुर स्थित औद्योगिक संस्थान रामेश्वर जुट मिल में श्रमिक होने के साथ साथ श्रमिक संघ संगठन से भी जुड़े हुए थे और मजदूरों के हित की लड़ाई लड़ा करते थे। 70-80 के दशक में स्वतंत्रता सेनानी बाबू सूरज नारायण सिंह के नेतृत्व में श्रमिक संघ का आंदोलन चल रहा था और उनके पिताजी भी इसका हिस्सा थे, जिसका प्रभाव राम बालक पासवान पर भी रहा।
छात्र जीवन से ही विभिन्न स्वतंत्रता सेनानियों, समाज कल्याण की बात रखने वाले जन नेताओं का उनके घर पर आना जाना लगा रहता था, जिसके चलते राष्ट्र सेवा का जज़्बा राम बालक पासवान के मन में भी घर कर गया और राजनीति के प्रति अभिरुचि रखते हुए 1982 में जननायक कर्पूरी ठाकुर के सान्निध्य में वह राजनीति से जुड़ गए।
इसके बाद के वर्षों में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी राजेन्द्र नारायण शर्मा, वशिष्ठ नारायण और सामाजिक चेतना के पुरोधा रामचकित राय के सान्निध्य में रहकर राजनीति की गहनता को सीखा। इन सभी महानुभवों के आदर्श जीवन से उन्होंने सीखा कि राजनीति एक पवित्र और कल्याणकारी कार्यों का प्रारूप है, जिसमे समाज के अच्छे लोगों की भागीदारी होनी चाहिए। इसी के चलते उन्होंने सक्रिय राजनीति का भाग होना तय किया।
अपनी राजनीति के शुरुआती सफ़र में राम बालक पासवान ने समाजवादी विचारधारा को आत्मसात किया और पूर्व प्रधानमंत्री श्री वीपी सिंह के कार्यकाल के दौरान कल्याणपुर जिले में अनुसूचित जाति के लिए बेहद सक्रियता के साथ कार्य किया। इसके बाद उन्होंने बहुत से पदों पर कार्य किया और राजनीति में सक्रिय रहे। बिहार मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने उन्हें दलित प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी, जिसका निर्वहन उन्होंने सफलतापूर्वक किया।
2015 के विधानसभा चुनावों के बाद राम बालक पासवान ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली और वर्तमान में भारतीय जनता मजदूर संघ से वह बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर कार्य कर रहे हैं। हालांकि वैचारिक मतभेद यहां भी उनके साथ हैं क्योंकि वह सिद्धांतों व मूल्यों की राजनीति की पैरवी करते हैं किंतु फिर भी वह पार्टी में बने हुए हैं।

भावी विज़न -
विभिन्न सामाजिक संगठनों के माध्यम से राम बालक पासवान लोकहित के कार्यों में अगुवाई करते रहते हैं। अपने आदर्शों की राजनीति के साथ वह आगे बढ़ते हुए कल्याणपुर की जनता के साथ साथ राष्ट्रीय स्तर पर साफ-सुथरी राजनीति का हिस्सा बनना चाहते हैं। दलीय राजनीतिक व्यवस्था होने के चलते वह राजनीतिक और सामाजिक तौर पर अपने आप को बहुत बार उपेक्षित महसूस करते हैं लेकिन वह आशान्वित हैं कि स्थानीय जनता जिस तरह उन्हें समर्थन दे रही है वह जरूर स्वच्छ राजनीति की लहर लाएंगे।

स्थानीय समस्याएं/विशेषताएं -
कल्याणपुर विधानसभा से जुड़ी स्थानीय विशेषताओं पर राम बालक पासवान का कहना है कि यहां डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विद्यालय, रामेश्वर जूट मिल आदि का होना न केवल समस्तीपुर जिले के लिए बल्कि पूरे उत्तर बिहार के लिए गौरव की बात है।
बात यदि स्थानीय समस्याओं की करें तो उसके लिए राम बालक पासवान कहते हैं कि यहां मौजूद ऐतिहासिक रामेश्वर जूट मिल, जिसे दरभंगा महाराज के द्वारा स्थापित किया गया था, विगत पाँच वर्षों से आर्थिक तंगी की मार झेल रही है। यहां उद्योग लगभग बंद है, उत्पादन शून्य है, श्रमिकों को काम नहीं मिल पा रहा है और मिल मालिकों का भी नुकसान हो रहा है।
जिले में स्थित श्रम कल्याण केंद्र, एसआई अस्पताल आदि के भवन भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़े हुए हैं। राम बालक पासवान बताते हैं कि जिले में मौजूद खादी ग्रामोद्योग भंडार, जो कभी के समय में मशहूर राजनीतिक हस्तियों के ठहरने का स्थान हुआ करता था, आज बदहाल खड़ा हुआ है। लगभग 18-20 एकड़ जमीन पर स्थित यह भवन, जिसे उन्होंने बिहार मुख्यमंत्री को भी दिखाकर इसकी बदहाली से अवगत कराया हुआ है, इस दिशा में भी आज तक कोई कार्य नहीं किया गया है।
इन सभी समस्याओं के साथ साथ जिले में तकनीकी शिक्षण संस्थानों का भी अभाव है और इसके प्रति किसी भी जन प्रतिनिधि ने गंभीरता से कार्य नहीं किया है। ऐसी ही समस्याओं को लेकर राम बालक पासवान क्षेत्र में संघर्षरत रहे हैं और आमजन के बीच इन सभी ज्वलंत मुद्दों को उठाए रखते हैं।

स्थानीय जनता को संदेश -
राम बालक पासवान का कहना है कि समस्तीपुर जिला राजनीति के क्षेत्र में एक खास पहचान रखता है, यहां की भूमि बहुत से स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों और समाज सुधारकों के लिए कर्मभूमि रही है लेकिन बीते कुछ दशकों में यहां की राजनीतिक पहचान धूल बिसरित हो गई है। आज यहां के लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रों में बाहर के जन प्रतिनिधि काबिज हैं।

इस व्यवस्था के खिलाफ समस्तीपुर की जनता को जागरूक होना होगा, अपने विकास के लिए स्थानीय जनता को सक्रिय राजनीति का हिस्सा बनना होगा। आने वाले चुनावों में विधानसभा और लोकसभा के पद के लिए समस्तीपुर से ही लोगों को खड़ा होना चाहिए और राजनीति को एक नई दिशा देने के क्रम में प्रयास करने चाहिए, ताकि इस जिले को एक बार अपना खोया हुआ राजनीतिक गौरव प्राप्त हो सके।
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