Rajesh Pandey
Kesopur Jafri(Aligarh--202002)उत्तर प्रदेश का ऐसा तेज तर्रार आईपीएस अधिकारी जिसने अपनी बहादुरी और निडरता से ऐसे आयाम गढ़े, जिनकी बदौलत आज भी वह पुलिस विभाग के कई अधिकारियों के ‘आइडल’ माने जाते हैं। हम बात कर रहे हैं आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय की जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते
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उत्तर प्रदेश का ऐसा तेज तर्रार आईपीएस अधिकारी जिसने अपनी बहादुरी और निडरता से ऐसे आयाम गढ़े, जिनकी बदौलत आज भी वह पुलिस विभाग के कई अधिकारियों के ‘आइडल’ माने जाते हैं। हम बात कर रहे हैं आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय की जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए सिर्फ और सिर्फ समाज को अपराध मुक्त बनाने का प्रयास किया। आईपीएस ऑफिसर राजेश पांडेय के इन प्रयासों से एक तरफ जहां पुलिस को अपराधियों तक पहुंचने में कामयाबी मिली, वहीं दूसरी तरफ आम जन के बीच पुलिस प्रशासन की एक अलग ही छवि बनी।

प्रशासनिक सेवा के दौरान हासिल किया सम्मानआपको बता दें कि मुठभेड़ के दौरान अभी तक 70 से अधिक अपराधियों को मौत की नींद सुला चुके एसएसपी राजेश पांडेय चार बार राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित हो चुके हैं। एसएसपी को वर्ष 1997, 98 व 2007 और 2016 में भी राष्ट्रपति वीरता पदक मिल चुका है। राजेश पांडेय को भारत सरकार की ओर से संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में एक साल के लिए कोसोवो में भी तैनात रहे। साथ ही यूएसएसआर (सोवियत संघ) के ‘पीस फोर्स’ को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

अलीगढ़ के कप्तान ने किया सराहनीय काम, निर्दोषों के भविष्य को बिगड़ने से बचायाबेटी ने भी बढ़ाया एसएसपी और देश का मानअलीगढ़ के एसएसपी राजेश पांडेय की बेटी कृति पांडेय भी अपने पिता को आदर्श मानते हुए उनके राहों पर चलना पसंद किया और एमटेक करने के बाद एक अच्छी नौकरी को त्याग कर देश सेवा में अपना योगदान देने के लिए सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की। बता दें कि कृति पांडेय ने आईएएस एग्जाम में दूसरी बार में कामयाबी हासिल की।



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