नाम- भानु प्रताप शुक्ला
पद- विधायक प्रत्याशी, कर्नलगंज, गोंडा
नवप्रर्वतक कोड- 71189751
जीवन परिचय, शिक्षा, विज़न एवं अनुभव -
समाज और राजनीति के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहे और भारतीय सुभाष सेना के बैनर तले अपने कार्यों को विस्तार दे रहे भानु प्रताप शुक्ला कर्नलगंज, गोंडा के निवासी हैं। प्रारंभिक शिक्षा बरगदी कोट विद्यालय से हुई और उनकी इंटर तक की शिक्षा कर्नलगंज विधानसभा क्षेत्र के कन्हैया लाल इंटर कॉलेज से संपन्न हुई है। छात्र जीवन से ही उनके मन में देशसेवा का जज़्बा रहा। ग्रेजुएट तक शिक्षा प्राप्त कर चुके भानु प्रताप शुक्ला अपने पिताजी के पदचिन्हों पर चल रहे हैं और अपने पूर्वजों का नाम गौरवान्वित करते हुए कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं।
भानु प्रताप शुक्ला के पिताजी स्वर्गीय भगवान दत्त शुक्ल, जो मथुरा वाले गुरुदेव के शिष्य थे और बेहद ईमानदार व त्यागी व्यक्ति थे। उन्होंने 42 वर्ष तक प्रधानाध्यापक पद पर सेवा दी और ग्राम शिक्षा सचिव प्रभारी के तौर पर कार्य किया व 2014 में पदमुक्त हुए। 18 अप्रैल 2021 को अपने पिताजी के देहांत के बाद से ही भानु प्रताप शुक्ला अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
राजनीति में पदार्पण :
अपने पूर्वजों के नियमकर्मों और पदचिन्हों का अनुसरण करते हुए भानु प्रताप शुक्ला ने भारतीय सुभाष सेना पार्टी के तहत चुनावों में भागीदारी ली। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अरविंद प्रताप सिंह की छत्रछाया में कुछ समय तक कार्य किया है। भानु प्रताप शुक्ला ने 2017 के चुनावों में गोंडा विधानसभा 298 से चुनावों में शिरकत की। भारतीय सुभाष सेना 2000 में गठित हुई और देश विकास के ध्येय के साथ कार्य कर रही है।
राजनीति में आगमन का कारण :
भानु प्रताप शुक्ला कहते हैं कि 1947 में जब देश आज़ाद हुआ, तबसे देश में विभिन्न प्रकार की पार्टियाँ जैसे भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस पर किसी ने देश के विकास के बारे में नहीं सोचा। सभी दलों ने मात्र अपना खजाना भरा। भानु प्रताप शुक्ला का मानना है कि गरीबों, लाचारों, किसानों की परेशानियों पर काम किया जाए और उनकी समस्याओं को दूर किया जाए। इसी कारण से उन्होंने राजनीति का रुख किया और समाज में परिवर्तन लाने के प्रयासों के साथ भारतीय सुभाष सेना का हिस्सा बने। देश के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस, जिन्होंने हमारे देश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई है उन्ही का अनुसरण करते हुए भानु प्रताप शुक्ला ने राजनीति में प्रवेश किया है।
साथ ही वह कहते हैं कि हमारा देश केवल गोरे अंग्रेजो से आजाद हुआ है, काले अंग्रेजो से आज भी आजाद नहीं है और ये काले अंग्रेज़ हमारे देश के नेता हैं। भानु प्रताप शुक्ला कहते हैं कि नेताजी का कहना है कि जिस दिन भारत देश में सुभाष जी की सरकार आयेगी तब भारत की सभी सीमाओं को सील कर दिया जाएगा ताकि देश के भ्रष्ट नेता देश से बाहर नहीं जा सके। क्योंकि देश को इन नेताओं से 75 सालों का लेखा-जोखा लेना है।
राष्ट्रीय समस्याओं पर विचार :
भानु प्रताप शुक्ला का कहना है कि सबसे पहले तो हमारे देश की महिलाओं का सम्मान होना चाहिए, साथ ही साथ किसानों की परेशानियों का समाधान किया जाये और सरकारी सुविधाएं वास्तव में जरुरतमन्द व्यक्तियों को मुहैया करवाई जाये। उनके अनुसार वर्तमान में इसका उल्टा हो रहा है, आज समर्थ व्यक्ति ही सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं और जिन्हें जरुरत है उनके पास कुछ नहीं पहुँच पा रहा है। इन सब समस्याओं पर सरकार को विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए और सभी जरुरतमंदो को समय पर सब कुछ मिले इस पर चिंतन करना चाहिए।
इसके साथ ही वर्तमान समय में सबसे बड़ा मुद्दा जानवरों का है जो खुले सड़कों पर घूम रहे हैं। इस समस्या के कारण इन जानवरों के साथ साथ देश के किसानों को भी परेशानी होती है। जो किसान रात-दिन एक करके कठिन परिश्रम करके देश की जनता को अनाज पहुंचाते हैं, उनकी फसलें खुले जानवरों की वजह से चौपट हो जाती हैं। भानु प्रताप शुक्ला कहते हैं कि यह केवल उनके क्षेत्र की परेशानी नहीं है बल्कि समस्त देश की परेशानी है। उनका मानना है कि देश में हर कोने में गौशाला होनी चाहिए।
भानु प्रताप शुक्ला कहते हैं कि देश में बहुत सी समस्याएं व्याप्त हैं और हम बस कहने के लिए ही आजाद हैं। आज भी छोटी छोटी समस्याओं के लिए लोगों को दलालों, थाना या कोतवाली में रिश्वत खिलानी पड़ती है, तो ऐसी आजादी का क्या लाभ है? हमें पूर्ण आज़ादी चाहिए और उसके लिए हमें समाज और देश में जागरूकता लानी पड़ेगी और परिवर्तन करने पड़ेंगे। भानु प्रताप शुक्ला के द्वारा कही गयी कुछ पंक्तियाँ :
"जय हिन्द जय सुभाष, हैं हिन्द हैं सुभाष
क्या खाने से हुए खराब, अंडा-मछली-मांस-शराब,
क्या खाने से होगी भलाई साग-सब्जी-रबड़ी-मलाई
हाथ खाली हैं पर व्यापार करता हूँ,
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ..!!"