Asraf Ali Khan Thana Bhawan
Bhaisani Islampur(Muzaffarnagar-Kairana-247777)नाम- अशरफ अली खान पद- विधायक(आरएलडी),थानाभवन(शामली), उत्तरप्रदेश नवप्रर्वतक कोड- 71189526 परिचय अशरफ अली खान उत्तरप्रदेश के शामली ज़िले के थाना भवन विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक हैं। वे राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) से जुड़े हुए हैं और 2022
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नाम- अशरफ अली खान
पद- विधायक(आरएलडी),थानाभवन(शामली), उत्तरप्रदेश
नवप्रर्वतक कोड- 71189526

परिचय
अशरफ अली खान उत्तरप्रदेश के शामली ज़िले के थाना भवन विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक हैं। वे राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) से जुड़े हुए हैं और 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्होंने यह सीट जीती। क्षेत्रीय राजनीति में उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में उभरी है जो किसान, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और स्थानीय मुद्दों पर मुखर रहे हैं।

प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
अशरफ
अली खान का जन्म पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक साधारण परिवार में हुआ माना जाता है। उनके पारिवारिक जीवन और जन्म तिथि संबंधी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से सीमित रूप में उपलब्ध है। उपलब्ध चुनावी हलफनामों और सार्वजनिक दस्तावेज़ों के अनुसार, उनका संबंध कृषि एवं स्थानीय सामाजिक गतिविधियों से रहा है।
शिक्षा
के संबंध में जो जानकारी चुनावी हलफनामों में दर्ज है,
उसके अनुसार उन्होंने औपचारिक शिक्षा प्राप्त की है,
हालांकि विस्तृत शैक्षणिक संस्थान और विषय संबंधी जानकारी सार्वजनिक मंचों पर व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं पाई गई।
राजनीति में आने से पहले वे क्षेत्रीय सामाजिक गतिविधियों और जनसंपर्क में सक्रिय बताए जाते हैं। स्थानीय स्तर पर पंचायत और क्षेत्रीय मुद्दों से जुड़ाव के कारण उनकी पहचान धीरे-धीरे राजनीतिक रूप से मजबूत होती देखी गई।

राजनीतिक करियर की शुरुआत
अशरफ
अली खान का राजनीतिक सफर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की किसान-आधारित राजनीति से जुड़ा रहा है। राष्ट्रीय लोक दल ,
जो परंपरागत रूप से किसान राजनीति से संबद्ध रही है,
के साथ उनका जुड़ाव क्षेत्रीय समीकरणों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया।
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्होंने थाना भवन सीट से आरएलडी प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को पराजित कर सीट हासिल की। यह जीत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आरएलडी की वापसी के संकेत के रूप में भी देखी गई।
उनकी
चुनावी रणनीति में किसान आंदोलन के बाद उत्पन्न राजनीतिक वातावरण, स्थानीय जातीय समीकरण और गठबंधन की राजनीति का प्रभाव देखा गया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, क्षेत्र में आरएलडी और समाजवादी पार्टी गठबंधन को भी इसका लाभ मिला।
उनकी पहचान एक जमीनी नेता के रूप में उभरती नज़र आई, जिन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान ग्रामीण संपर्क और जनसभाओं पर विशेष ध्यान दिया।

वर्तमान पद एवं ज़िम्मेदारियाँ
अशरफ
अली खान वर्तमान में Uttar Pradesh Legislative Assembly के सदस्य हैं। विधायक के रूप में उनकी मुख्य जिम्मेदारियों में क्षेत्रीय विकास योजनाओं की निगरानी, विधानसभा सत्रों में भागीदारी, और स्थानीय समस्याओं को सदन में उठाना शामिल है।
विधानसभा में उनकी उपस्थिति और प्रश्नों से संबंधित आंकड़े समय-समय पर विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होते हैं। सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार, वे क्षेत्र में सड़क, बिजली, सिंचाई और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देते रहे हैं।

विकास कार्य, पहलें और सार्वजनिक दावे
विधायक
के रूप में अशरफ अली खान ने क्षेत्र में सड़क निर्माण, नाली व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति और किसान हितों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही है। उनकी ओर से सार्वजनिक मंचों पर यह दावा किया गया है कि थाना भवन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
स्थानीय
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने क्षेत्रीय अस्पतालों की सुविधाओं और स्कूलों के उन्नयन से जुड़े प्रस्तावों को भी उठाया है। हालांकि, इन दावों की प्रगति और क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर विभिन्न स्रोतों में अलग-अलग आंकड़े मिलते हैं।
सरकारी
रिकॉर्ड और बजट आवंटन से संबंधित विस्तृत जानकारी संबंधित विभागों की आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध होती है। विधायक निधि के उपयोग को लेकर भी समय-समय पर प्रशासनिक रिपोर्ट जारी की जाती है।
उनकी सार्वजनिक सभाओं में किसान मुद्दे, गन्ना मूल्य, सिंचाई व्यवस्था और ग्रामीण सड़कों का विषय प्रमुखता से उठता रहा है।

निष्कर्ष – समग्र राजनीतिक आकलन
अशरफ
अली खान का राजनीतिक प्रोफ़ाइल पश्चिमी उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय और किसान-आधारित राजनीति से गहराई से जुड़ा हुआ है। थाना भवन से विधायक के रूप में उनकी भूमिका स्थानीय विकास, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सामाजिक समीकरणों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
उनकी
राजनीतिक यात्रा अपेक्षाकृत क्षेत्र-केंद्रित रही है,
और भविष्य में उनकी भूमिका इस बात पर निर्भर करेगी कि वे विधानसभा में कितनी सक्रियता दिखाते हैं और अपने क्षेत्र में घोषित परियोजनाओं को किस हद तक लागू कर पाते हैं। आने वाले वर्षों में उनके लिए संगठनात्मक विस्तार, विकास कार्यों की पारदर्शिता और जनसंपर्क की निरंतरता महत्वपूर्ण कारक रहेंगे।
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