Sardar bhagat singh Ward – 21 (Ayodhya)
C.C.I.(North Delhi--110007)About this research
जलियांवाला बाग हत्याकांड
जैसे अमानवीय कृत्य से प्रभावित होकर देश को आज़ाद कराने के लिए अपने प्राणों की
आहुति देने वाले सरदार भगत सिंह को भारत का प्रत्येक नागरिक जानता है. उनका जन्म
लायलपुर जिले के बंगा में हुआ था, यह स्थान अब
पाकिस्तान में है. उनका परिवार आर्य समाजी सिख परिवार से संबंध रखता था. उन्होंने चन्द्रशेखर
आज़ाद के साथ मिलकर एक संगठन तैयार किया, जिसका उद्देश्य
भारत को ब्रिटिशों के चंगुल से आज़ाद कराना था. वह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में
प्रमुख क्रांतिकारियों में से एक थे, जिन्होंने
अल्पायु में ही देश के लिए अपना जीवन त्याग दिया और हँसते-हँसते फांसी पर झूल गये.
भगत सिंह महात्मा गांधी
के असहयोग आन्दोलन जो ब्रिटिश शासन के खिलाफ़ था, इससे बहुत
प्रेरित थे इसी के चलते उन्होंने अपनी पढाई भी बीच में ही छोड़ दी और आन्दोलन में
पूर्ण रूप से सक्रिय हो गये, परन्तु महात्मा
गांधी द्वारा जब इस आन्दोलन को चौरा-चौरी हिंसा के बाद बंद किया तो वह निराश हो
गये और उन्होंने क्रांतिकारी बन भारत को आजादी दिलाने के लिए दृढ़ संकल्प लिया और भले
ही उनको फांसी की सजा दी गयी परन्तु शहीद भगत सिंह के भारत स्वाधीनता में किए गये प्रयास
आज भी प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में विराजमान हैं. इसी वीर क्रांतिकारी के नाम पर
अयोध्या के वार्ड 21 को सरदार भगत
सिंह वार्ड का नाम दिया गया है.
सांप्रदायिक सौहार्द और
आपसी सामंजस्य की मिसाल कायम करता यह वार्ड आज भी गंगा-जमुनी तहजीब का प्रदर्शन
करता है, जहां दिवाली की जगमगाहट
और ईद की रौनक दोनों की झलक दिखाई देती है. सरदार भगत सिंह वार्ड, जो वर्ष 2017 से पहले फैजाबाद जिले के अंतर्गत आता था,
लेकिन योगी सरकार के प्रदेश में आने के बाद
फैजाबाद और अयोध्या नगर पालिका को जोड़कर अयोध्या नगर निगम का निर्माण किया गया,
जिसमें तकरीबन तीन लाख की आबादी वाले 50 वार्ड को 60 नए वार्ड में विभाजित का दिया गया. इस तरह कभी फैजाबाद नगर
परिषद् के 29 वार्ड में से एक सरदार
भगत सिंह वार्ड भी अयोध्या नगर निगम का हिस्सा बन गया.
जुड़वाँ शहर अयोध्या और
फैजाबाद की नगर पालिका बोर्ड को समाप्त कर प्रदेश सरकार ने अयोध्या नगर निगम की
स्थापना करते हुए यहाँ बनाये गए नए वार्ड का नामकरण क्रांतिकारियों, ऐतिहासिक व्यक्तियों एवं धार्मिक-सांस्कृतिक
स्थानों के नाम पर किया है. इसी तर्ज पर भारतीय स्वाधीनता के संघर्ष में अग्रणी
रहे क्रांतिकारी सरदार भगत सिंह के नाम पर अयोध्या के वार्ड 21 का नामकरण किया गया. इस वार्ड में स्थानीय विकास की
जिम्मेदारी का वहन संतोष सिंह कर रहे हैं, जो वर्ष 2017 से इस वार्ड में
पार्षद रहते हुए क्षेत्रीय विकास की जिम्मेदारी निभा रहे हैं.
मिली जुली जनसंख्या वाले इस इलाके में आने वाले प्रमुख मोहल्लों में अब्बूसराय आंशिक, सहादतगंज आंशिक व सिविल लाइन आंशिक आदि आते हैं. शिक्षा व्यवस्था के तौर पर इस वार्ड में प्राइमरी स्कूलों के साथ-साथ एक जूनियर हाई स्कूल की भी मौजूद है. जो शिक्षा सुविधा के लिहाज से बेहतर विकल्प हैं.

स्वास्थ्य सुविधाओं की बात की जाए तो वार्ड में स्थित अयोध्या जिला चिकित्सालय जनता को अच्छी चिकित्सा सुविधा मुहैया कराता है. जिसमें मुफ्त दवाइयों की व्यवस्था भी मरीजों के लिए उपलब्ध है.
यदि बात की जाए क्षेत्र
के प्रमुख मुद्दों की तो सड़कों व नालियों की उचित व्यवस्था नहीं होना स्थानीय
पार्षद संतोष सिंह अपने वार्ड की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक मानते हैं, उनके अनुसार यहां नालियों की व्यवस्था न होने से बारिश के समय जलभराव की
समस्या उत्पन्न हो जाती है. जिसके कारण स्थानीय निवासियों को परेशानियों से जूझना
पड़ता है.
References:
1. http://nagarnigamayodhya.in/pages/hi/topmenu-hi/hi-about-us/hi-ward-mohallas
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