Sarai Goverdhan, Ward 67, (Varanasi)
Sanwara(Ballia-Rasra-221721)About this research
भगवान शिव की नगरी वाराणसी, जिसे
भारत की धार्मिक राजधानी भी कहा जाता है. वाराणसी को इससे पहले बनारस के नाम से भी
जाना जाता था. हिंदु धर्म में यह स्थान बेहद लोकप्रिय है. पवित्र नगरी वाराणसी में
दो नदियों अथार्त वरुणा और असी का संगम होता है, यानि वह स्थान जहां ये दोनों नदियां आकर मिलती है. इसी पवित्र वरुणा नदी के किनारे बसा है सराय
गोवेर्धन वार्ड. वाराणसी के दशाशवमेघ जोन में स्थित चेतगंज मंडल के अंतर्गत आने
वाला सराय गोवेर्धन वार्ड तकरीबन 0.132 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है.
मिश्रित आबादी वाले इस
वार्ड में स्थानीय पार्षद के अनुसार लगभग 13,429 की आबादी का निवास स्थान है. इस वार्ड में आने वाले प्रमुख
आवासीय क्षेत्रों में सराय गोवर्धन पूर्व, सराय गोवर्धन
पश्चिम, कच्ची सड़क, जियापुरा, चिक्कीयाना, शेख सलीम फाटक, चेतगंज नई सड़क मैन
रोड़ इत्यादि आते हैं. इस वार्ड में मलिन बस्तियों की संख्या न के बराबर है.
इस वार्ड में पार्षद के
तौर कांग्रेस पार्टी से संजय कुमार सिंह जी कार्यरत हैं तथा वह वर्ष 2017 से जनप्रतिनिधि के रूप में स्थानीय विकास
कार्यों में संलग्न हैं. सामान्य कॉलोनियां, सोसाइटी क्षेत्र के चलते वार्ड में
जीविका के साधन भी मिश्रित ही हैं. अथार्त यहां व्यापारी वर्ग, छोटे लघु-कुटीर उद्योगों से जुड़ी जनता, व्यापार में संलग्न लोगों के साथ-साथ नौकरीपेशा
जनता का भी निवास स्थान है. इसके अतिरिक्त
पानदरीबा यहां होने के कारण सबसे अधिक यहां पान व सुपारी के व्यापारियों की संख्या
है.
जनता की मौलिक सुविधाओं
के दृष्टिकोण से देखा जाए तो इस वार्ड में शिक्षा सुविधा के रूप में प्राइमरी
स्कूल नई सड़क, महाराज पब्लिक स्कूल व
प्राइमरी स्कूल पियारी जैसे स्कूल मौजूद हैं. इस
वार्ड में 3-4 सरकारी विद्यालय व इंटर कॉलेज की सुविधा है. साथ ही काशी विद्यापीठ
भी वार्ड से काफी सटा हुआ है. स्वास्थ्य सुविधाओं के रूप में यहां छोटे प्राइवेट
क्लीनिक के साथ-साथ कुछ प्राइवेट नर्सिंग होम और सरकारी अस्पताल भी मौजूद हैं.
परन्तु अस्पतालों में आई.सी.यू की सुविधा नही है.
इसके अतिरिक्त यदि
धार्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो वार्ड में कुछ मंदिर भी मौजूद है, जो जनता की धार्मिक भावनाओं के लिए अच्छे विकल्प के रूप
में माने जाते हैं. साथ ही जनता के टहलने के लिए पार्क भी वार्ड में मौजूद हैं.
साथ ही पानदरीबा जैसी प्रसिद्ध जगह भी इसी वार्ड में है. जहां दूर-दूर से पान
सुपारी के व्यापारी आते हैं. पानदरीबा उतना ही प्राचीन है, जितना बनारस.
वार्ड की प्रमुख समस्याओं पर गौर किया जाए तो स्थानीय पार्षद के अनुसार वार्ड में सीवर की सबसे प्रमुख समस्या है. उनके
अनुसार यह केवल वार्ड की ही नही अपितु पूरे वाराणसी की सबसे बड़ी समस्या है.
वर्तमान में निगम के पास पैसा बहुत आता है, परन्तु वह पैसा जमीनी स्तर तक पहुँच नहीं पाता. इसी कारण
विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है.
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