Razabajar, Ward 20 (Varanasi)
Sanwara(Ballia-Rasra-221721)About this research
भारत की धार्मिक एवं सांस्कृतिक राजधानी मानी जाने वाली वाराणसी नगरी को दो
पवित्र नदियों यानि वरुणा और असी का संगम कहा जाता है, अथार्त वह स्थान जहां ये
दोनों नदियां आकर मिलती हों “वाराणसी” के नाम से जाना गया. इसी पावन वरुणा नदी के
किनारे बसा है राजाबाजार वार्ड. वाराणसी की वरुणापार जोन में स्थित नदेसर सबजोन के
अंतर्गत आने वाला राजाबाजार वार्ड तकरीबन 1.034 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला
हुआ है.
मिली जुली आबादी वाले इस वार्ड में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 17,000 के
आस पास जनसंख्या का निवास है. इस वार्ड में आने वाले प्रमुख आवासीय क्षेत्रों में
अनंत कॉलोनी, अभिलाषा नगर, चरण नगर, वरुणा अपार्टमेंट, बुद्ध विहार, पटेल नगर,
मिंट हाउस कॉलोनी, राजा बाज़ार अहिराना, लक्ष्मी नगर, कसाई मोहल्ला, काशी राज
कॉलोनी, गोफ्फा बीर बाबा का मोहल्ला इत्यादि आते हैं. साथ ही यहां लक्ष्मी नगर,
राजा बाज़ार जैसे मलिन बस्ती क्षेत्र शामिल है.
वाराणसी नगर निगम द्वारा संचालित इस वार्ड में पार्षद के तौर पर समाजवादी
पार्टी से श्रीमती पूनम विश्वकर्मा जी कार्यरत हैं तथा उनके पति जितेंद्र
विश्वकर्मा जी वर्ष 2017 से पार्षद प्रतिनिधि के रूप में स्थानीय विकास कार्यों
में संलग्न हैं. इस वार्ड में जीविका के साधन मिले जुले हैं, यानि यहां व्यापारी
वर्ग, छोटे लघु-कुटीर उद्योगों से जुड़ी जनता, छोटे व्यापार में संलग्न लोगों के
साथ साथ नौकरीपेशा जनता का भी निवास स्थान है, जिसमें सरकारी एवं प्राइवेट दोनों
ही सेक्टर से जुड़े लोग सम्मिलित हैं.
जनता की मौलिक सुविधाओं के तौर पर इस वार्ड में स्कूलों, अस्पतालों, बैंकों,
एटीएम, पार्कों, मंदिरों इत्यादि की भी सुविधा हैं. यहां शिक्षा सुविधा के रूप में सीएम कान्वेंट स्कूल, कटिंग
मेमोरियल ब्लोसम हाउस, मालवीय शिक्षा निकेतन, क्रिस्चियन नर्सरी एंड प्राइमरी
स्कूल इत्यादि उपलब्ध है. साथ ही यहां अनंत कॉलोनी, पटेल नगर एवं बुद्ध नगर कॉलोनी
में बने पार्क जनता के भ्रमण करने का अच्छा विकल्प हैं. इस वार्ड में बेहद पुराने
मंदिर एवं मस्जिद भी उपस्थित हैं, जो क्षेत्रीय समरसता का परिचय देते प्रतीत होते
हैं.
वार्ड की प्रमुख समस्याओं की बात की जाये तो स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि के
अनुसार उनके क्षेत्र में सीवरेज की समस्या अत्यन्त गंभीर है. इसके
अलावा बिजली व पेयजल की समस्या भी बनी रहती है. निगम से प्रस्तावित किया गया बजट
अभी तक पार्षदों को नहीं मिल पाया है.
अतः निगम व प्रशासन का सहयोग न मिलने के कारण वार्ड के
मुद्दों पर कार्य नहीं हो पा रहा है. पार्षद प्रतिनिधि जितेन्द्र जी के मुताबिक, उन्होंने वार्ड
की समस्याओं को लेकर उच्च स्तर पर सूचनाएं व प्रार्थनापत्र भी दिए हैं, लेकिन उन पर भी
अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई.
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