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Chowk Bazar Kali, Ward-108, Lucknow

Chowk Bazar Kali, Ward-108, Lucknow

C.C.I.(North Delhi--110007)
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About this research

वार्ड 108, चौक बाज़ार काली लखनऊ जिले के अंतर्गत आने वाला एक मिश्रित आबादी वाला परिक्षेत्र है. जिसमें पार्षद के तौर पर वर्ष 2017 से रमेश कपूर जी कार्यरत हैं. जनगणना 2011 के अनुसार इस वार्ड की आबादी लगभग 10-15,000 है तथा यहां की साक्षरता दर 67 फीसदी के लगभग है. जीविकापार्जन के तौर पर इस वार्ड में छोटे-छोटे व्यापारियों व दुकानदारों की संख्या अधिक है. साथ ही क्षेत्र में नौकरीपेशा लोग भी निवास करते हैं.

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यदि वार्ड के परिसीमन की बात की जाए तो लाजपत नगर, खुन-खुन जी रोड़, कमला नेहरु, घडियाली, मिर्जा मंडी, बाग महानारायण, सोढ़ी टोली, दर्जी बगिया, मोतीलाल ये सभी इलाके चौक बाज़ार काली वार्ड के अंतर्गत शामिल हैं.

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चौक बाज़ार काली वार्ड की सीमाएं उत्तर में कोनेश्वर तिराहे से घंटा घर होते हुए निम्बू पार्क तक, दक्षिण में टंडन फव्वारे से लेकर परिवार टेलर अकबरी गेट ढाल तक की बायीं पट्टी तक, पूर्व में निम्बू पार्क से चरक पैथोलॉजी तक, पश्चिम में सद्भावना पुल से टंडन फव्वारे तक फैली हुई हैं.

चौक बाज़ार काली वार्ड में कुछ संख्या में प्राइवेट स्कूल व कोचिंग सेंटर मौजूद हैं. जिनमें प्राथमिक विद्यालय व स्टाफोर्ड प्री विद्यालय जैसे स्कूल शामिल हैं. यदि डिग्री कॉलेज की बात की जाए तो इस वार्ड में सक्षम मुकेश कॉलेज व वासुदेव मेमोरियल गर्ल्स डिग्री कॉलेज जैसे कॉलेज भी मौजूद है. स्वास्थ्य सुविधाओं के दृष्टिकोण से वार्ड में कपूर आई हॉस्पिटल व सत्यवादी राजा हरिचन्द्र स्वास्थ्य केंद्र जैसे कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल व नर्सिंग होम भी मौजूद हैं.

स्थानीय सुविधाओं के तौर पर वार्ड में निम्बू पार्क जैसे पार्क व तरन्नुम बाज़ार व संतोषी माँ मार्केट जैसे कुछ बाज़ार भी मौजूद हैं, जो क्षेत्रीय जनता के टहलने एवं खरीददारी के लिए अच्छे विकल्प हैं. जनता की धार्मिक भावनाओं को पोषित करने के उद्देश्य से वार्ड में श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर व कोनेश्वर मंदिर जैसे कुछ मंदिर भी वार्ड में मौजूद हैं.

उनके अनुसार पुराने लखनऊ में ड्रेनेज सिस्टम गलियों के बीच से होकर गुजरता है, जिसके दोनों ओर आवास स्थित हैं. सीवर समस्या से निजात पाने के लिए रमेश जी ने तकनीकी विशेषज्ञों के माध्यम से सीवर समस्या का सुधार करने का वैज्ञानिक स्तर पर प्रयास किया. यह उनके वार्ड की सबसे बड़ी समस्या थी.

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