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जनमेला सर्वे रिपोर्ट – जनमेला, चुनाव सुधार की एक पहल पर लोगों के विचार और सुझाव

Swarntabh Kumar Swarntabh Kumar 1291   {{descmodel.currdesc.readstats }} {{descmodel.attruser || 'Attribute'}} {{descmodel.upgradeduser || 'Upgrade'}} {{descmodel.downgradeduser || 'Downgrade'}}

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किसी भी देश का लोकतांत्रिक मूल्य उसके जनता के अधिकार या कह लीजिये चुनाव पर टिके होते हैं. चुनाव लोकतांत्रिक प्रणाली का एक अहम हिस्सा ही नहीं बल्कि लोकतंत्र का आधार स्तंभ, उसका नींव होता है. मगर लोकतंत्र का यही बुनियादी ढांचा आज कहीं न कहीं कमजोर हुआ है. लोगों की नजर में चुनाव की परिभाषा ही बिल्कुल बदल गई है. कल तक लोकतंत्र का यह पर्व आज लोकतंत्र का स्याह चेहरा बनकर उभरा है. चुनावों में विसंगतियां हावी हो चुकी है. सीधे सादे और सरल ढंग से होने वाले चुनाव में अब आदर्श गायब हो चुका है और पैसे और नकारात्मक व्यवहार वाली चीजों को जमकर बढ़ावा दिया जाता है. चुनाव में लोकतंत्र विरोधी विचार और संस्कृति को भी जमकर और खतरनाक तरीके से बढ़ावा दिया जा रहा है जो हमारे लोकतंत्र को खोखला साबित करने को काफी है. लोकतंत्र में अब एक दूसरे के विरोधी विचार की जगह लोगों पर कीचड़ उछालना, पैसे का दिखावा करना, शराब, नोट आदि ने ले ली है.

चुनाव में अब अच्छे विचारों की कोई जगह नहीं बची और उसे हाशिए पर धकेल दिया गया है. ऐसे में बैलेटबॉक्सइंडिया ने चुनाव सुधार के लिए जो मुहिम चलाई थी उसमें बहुत हद तक सफलता प्राप्त हुई है. जनमेला की अवधारणा से लोग बहुत हद तक सहमत दिखाई दिए हैं. हां आज लगभग सभी लोगों का यह मानना है कि चुनाव एक गंदा खेल बनकर रह गया है और इस में सुधार लाने की आवश्यकता है. हमें लोकतंत्र के उस आदर्श की स्थापना करने की आवश्यकता है जहां उम्मीदवारों में अंतःकरण की गरिमा, दलों में विचारधारा की प्रतिबद्धता, द्वेष रहित सोच, समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व का बोध, सब के प्रति सम्मान की भावना और उम्मीदवारी पैसे के आधार पर नहीं बल्कि काबिलियत के आधार पर तय की जाए. चुनाव में इन सभी का श्रेष्ठ निस्वार्थ संगम संभव हो सके तो लागू किए जाने की आवश्यकता है जिसके लिए हम सभी को कदम बढ़ाने की आवश्यकता है. 

हमने चुनावी प्रक्रिया में बदलाव लाने के लिए जनमेला की परिकल्पना की है जिसे समाज के लगभग सभी पक्षों ने स्वीकृति प्रदान की है. लोगों ने जनमेला पर अपने विचार प्रस्तुत किए हैं और साथ ही जनमेला में और भी किस तरह के बदलाव लाए जा सकते हैं पर अपने सुझाव व्यक्त किए हैं. प्रस्तुत है ऐसे ही कुछ लोगों के विचार जिन्होंने जनमेला को लेकर अपनी राय और कुछ सुझाव रखे हैं : 

अनुराग आर्य (एसपी, कानपुर ईस्ट) - प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर कानपुर ईस्ट के एसपी अनुराग आर्य का मानना है कि लोकतांत्रिक प्रणाली से जुड़ी जो भी संस्थाएं हैं उनको नए विचारों को लाने की जरूरत है जिससे हम चुनाव व्यवस्था को बेहतर बना सके. उनका इसके साथ यह भी मानना है कि जनमेला की अवधारणा सकरात्मक लोकतंत्र के लिए बेहद ही जरूरी कदम है.

राकेश कुमार- Janmela should be made mandatory for every voter, funds going to individual parties should be used to run this. Local community should be involved on volunteer basis to run it in a very transparent manner.

अमित कुमार श्रीवास्तव - अच्छे नेता होंगें तो सब ठीक हो जायेगा.

महेश अग्रवाल - Open debate

पूजा श्रीवास्तव - It shld be degitalized.

पंकज कुमार - “Direct communicate to people and using Digital Mass Media platform."

अनुष्का श्रीवास्तव - जनमेला एक अच्छा सुझाव है पर नेता ऐसा होने नहीं देंगे. महंगे चुनावों से छुटकारें का एक अच्छा विकल्प है. मैं इस विकल्प का पूर्ण समर्थन करती हूँ.

अमित कुमार - कम खर्च होगा, सब को वोट देना चाहिए, सोच समझ के देना चाहिए.

विनीत चुनाव प्रचार डिजिटल होना चाहिए.

हर्ष खत्री - कालेधन का उपयोग ना हो और गलत चीजों का उपयोग ना किया जाये.

ए.वी.एस.के. ऐश्वर्या - पैसे कम लगने चाहिए और कालाधन कम होना चाहिए. चुनाव महंगे नहीं होने चाहिए. चुनाव के पैसे जन की और देश के हित में लगने चाहिए.

श्वेता जैन - जनमेला एक अच्छा तरीका है रैली का.इससे चुनाव करने की प्रक्रिया थोड़ी सस्ती हो जायेगी.

अंचल श्रीवास्तव - रैली के समय अन्य दूसरे लोगों को तकलीफ नहीं होनी चाहिए. महंगे चुनाव में जो पैसे लगते हैं वह अच्छी चीजों में इस्तेमाल होने चाहिए.

उमेश सिंह-  जनमेला में जनता को उसका मूल अधिकार यानी वोट देने के बारे में जागरुक करना और नोटा के बारे में विस्तृत जानकारी देनी चाहिए जिससे जनता जरूर वोट करें और सही प्रत्याशी जीत सके. जनता यदि जागरूक हो गई तभी सभी पार्टियां सही प्रत्याशी का चुनाव करेंगी और ऐसा हो गया तो देश में सही मायने में विकास होगा. 

प्रतिक कुमार - 'When politics decide your future, decide what your politics' सुधार संभव है, एक उचित कदम की जरुरत है.

नरेंद्र कुमार पाण्डे - 1. सरकारी वित्तीय पोषण राजनीतिक पार्टियों (राष्ट्रीय विशेषतः) 

2. अनिवार्य मतदान का प्रावधान

3. ऑनलाइन मतदान की व्यवस्था.

डॉ. कृष्ण गोपाल त्यागी - बेहद अच्छी परिकल्पना है.

प्रीति - हाँ मेरी राय तो यही है की कुछ हद तक जनमेला से लोगों को अपनी बातों को सामने रखने का मोका मिलेगा जनमेला से निरक्षर/अनपढ़ लोगों को नेता या उम्मीदवार की जानकारी मिल सकती है कि कौन नेता कैसा है, समाज में क्या चल रहा है.

श्रेया उत्तम - भारत में महंगे चुनाव की प्रक्रिया में बदलाव की जरुरत.

मो. गुफरान खान - रैलियों को सिर्फ महंगे प्रक्रिया से हटाकर सस्ता एवं साधारण विकल्प खोजना चाहिए.

जतिन शर्मा - बदलाव की जरुरत है ताकि सही नेता का चयन कर पाए जो समाज में सुविधा एवं अच्छी व्यवस्था उपलब्ध करा सके.

सृष्टी - मेरी राय है की जनमेला के को लागुकरवाने के लिए यदि हम मेहनत करते रहे तो यह मुहिम जरुर कामयाब होगी. महंगे चुनाव और शोर को कम करना आवशयक है,  इस पर रोक लगाई जाये.

अभिषेक कुमार राय - आज केवल पैसे के दम पर चुनाव लड़ा जाता है व जीता भी जाता है अत: यह सब नहीं होना चाहिए. चुनाव आयोग इसको ध्यान में रखते हुए कोई ऐसे ठोस कदम व कानून बनाए जो की महंगे चुनाव पे लगाम लगा सके.

जयदीप कुमार - बैलटबॉक्सइंडिया बहुत ही अच्छी सर्वे करा रही है. महंगे चुनाव को कम करने के लिए एक नए निति की आवश्यकता है, जनमेला एक विकल्प बन सकती है.

इम्तियाज़ अली - महंगे चुनाव में बदलाव की जरूरत है, हम इसका समर्थन करते हैं.

प्रदीप शाह - चुनाव में काला धन बड़ी मात्रा में लिया जाता है इसको रोकना चाहिए.

अंकित यादव - इस सम्बन्ध में अत्यंत ही कठिन नियम व कानून का निर्माण करना चाहिए, जिसका उलंघन करने से पूर्व उलन्घंकर्ता कई मर्तबा विचार करे.

अक्षय मेहरा - जनमेला के लागु किये जाने से जागरूकता बढेगी तथा चुनावी खर्च कम होना चाहिए.

कात्यायनी तिवारी - महंगे चुनाव में सुधार के लिए जरुरी है कि आम नागरिक नेताओं द्वारा दिए जाने वाले घूस (जैसे - दारू या किसी प्रकार की मदद) नहीं लें.

पवन मिश्रा - मेरे अनुसार चुनाव सुधार और महंगे चुनाव के संदर्भ यह कहना है कि इसकी शुरुआत ग्रामीण इलाकों से ओनी चाहिए. जन्मला से जुड़ी सभी सूचना वहां पहुंचना अनिवार्य होना चाहिए.

फरहान हुसैन - लगातार जनमेला करने से शायद बदलाव जरुर आएगा.

मो. खुसनूर खान - चुनावों में अत्याधिक खर्च को रोकने के लिए सबसे पहले ये पता लगाना अतिआवश्यक है कि ये पैसा आ कहा से रहा है इसमें पूरी पारदर्शता होनी चाहिए.

नितेश रंजन - चुनाव के खर्च को रोकने के लिए मुख्य मुद्दे उठाना जरुरी है:- प्रचार माध्यम में बदलाव, खर्च को एक सीमित राशी में रखना.

राहुल यादव - जनमेला सोशल मीडिया व नए डिजिटल माध्यम से किया जाना चाहिय ताकि काले धन पे रोक लगाई जा सके.

अभिषेक कुमार - जनमेला के माध्यम से कालेधन पर रोक लगेगी.

मनोज - चुनाव एक साथ होना चाहिए जिससे समय और धन की बचत होगी.

सुमित कौशल - Janmela must be more inclined towards urban and rural areas and must work for their benefit’s and shortcomings.

कविता चौधरी - It’s a good step for reforming in election

रितु - A person with any sort criminal record should not be allowed to file his nomination for election at any level.

नम्रता रॉय - Total process of election should be online, and digital way.

अक्शिका नागर - Good approach I appreciated. 

सुधीर कुमार - Donation in election should be banned in election, by that only capable candidate may selected.

सोनाली मिश्र - E-Voting must be included in Indian election procedure.

कनिष्का अरोरा - यह एक अच्छी मुहिम है, यदि सही तरीके से उपयोग की जाये.

रूहानी शर्मा - शोर शराबा कम होना चाहिए रैली के कारण जाम में सुधार होना चाहिए.

प्रथम अवस्थी - चुनाव प्रक्रिया ऑनलाइन होनी चाहिए इससे पारदर्शिता बनी रहेगी.

रंजीत कुमार - वर्तमान में समय का महत्व अधिक है कारणवश कई बार लोग जनमेला में नहीं जा पाएंगे अर्थात जन मेला को आधुनिक मीडिया का प्रयोग करके जन-जन तक पहुंचाना होगा जिससे सूचना और उसकी पहुंच दोनों को परखा जा सके. 

गोविंद पांडे - नेता को पढ़ा लिखा होना चाहिए और अपराधिक प्रवृति का नहीं होना चाहिए. खर्च सीमित हो. सरकार को सभी जनप्रतिनिधियों को अपने विचार रखने के लिए जगह देनी चाहिए.

प्रकाश रावल - सबसे पहले ईवीएम मशीन में सुधार की जरूरत है जो कोई वोट देता है उसका वोट उस पार्टी कोको मिला है इसकी रिसिप्ट हाथों हाथ वोटर को मिल जानी चाहिए और अगर यह मुमकिन नहीं है तो बैलेट पेपर का इस्तेमाल होना जरूरी हैं.

अशोक कुमार तिवारी- चुनाव प्रचार के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट, इंटरनेट के समानता के आधार पर फ्री ऑफ कॉस्ट उपयोग करने की व्यवस्था और उम्मीदवारों के बजाए पार्टी की नीतियों वह कार्यक्रम की चर्चा होनी चाहिए.

राकेश कुमार पाल - चुनाव में कोई भी उम्मीदवार अपराधिक मुकदमों में संलिप्त नहीं होना चाहिए पार्टी फंड को सार्वजनिक किया जाना चाहिए.

डॉ. नीरू निगम सीकरोरिया - अवधारणा बहुत ही अच्छी है लेकिन आम जनता को सही जानकारी मिल सके इसका आश्वासन नहीं है. कुछ अलग विकल्प भी ढूंढने होंगे जिस से पूर्ण तरह से इसे लागू किया जा सके. लेकिन फिर भी इसे शुरू करना सही होगा.

शशीकला वर्मा - जनमेला एक अच्छा माध्यम है चुनाव में सुधार लाने का. 

मोहम्मद वशी - जनमेला के बारे में अभी कुछ नहीं कह सकते. महंगे चुनाव पर सरकार को अपने माध्यम से सभी पार्टियों को प्रचार का मौका देना चाहिए. कालाधन पर रोक लगाने के लिए शराब और पैसे आदि की बातों पर भी सख्ती शक्ति से कारवाई होनी चाहिए. 

हसीन अहमद - महंगे चुनाव में सुधार के लिए मैं एक भारतीय की हैसियत से यही कहना चाहता हूं कि चुनाव में मतदान पर प्रचार में फिजूल खर्च करने से अच्छा हमें विकास के जरिए प्रत्यक्ष अपनी कार्यक्षमता दिखानी चाहिए. 

रंजना सिंह - चुनाव शुरू होने पर ही रोड्स और पानी की प्रॉब्लम सुनी जाती है और कार्य शुरू होने की तैयारी होती है. आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है चुनाव शुरू होने पर ही कार्य को पूरा करने का वादा किया जाता है और एक बार में पूरा नहीं होता. दूसरी पार्टी एक दूसरे को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ती.

अंकिता मिश्र - Janmela can be the venue where public can easily elect their representatives. It will help to reduce the expenditure of candidate as well as election commission. Public will feel safe and confident during voting in Janmela as they will get the result on the same time.

अंतरा ठाकुर - Janmela is good for people and it develop the society more people are agree with this concept and some people are not.

वेंकटेश - योग्य उम्मीदवारों को ही लाना होगा. पैसे एवं नेटवर्क के अभाव में ऐसे उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाते हैं.

अरुण कुमार सिंह - "बहुत ही अच्छा प्रयास है, निरंतर लगे रहने की आवश्यकता है, संविधान में बदलाव की आवश्यकता है. हर मतदाता तक पहले इसकी जानकारी दी जाए. प्रयोग के तौर पर सभी बातों का ध्यान (संविधान के नियम, लोकतंत्र की सही परिभाषा ) रखते हुए प्रयास करना चाहिए. कहाँ, कब, कैसे और क्यूँ किया जाए इसकी पूर्णरूप से विधिवत जानकारी के साथ प्रायोगिक तौर पर शुरुआत की अपेक्षा करता हूँ. 

"अद्भुत और अकल्पनीय” कार्य स्वभाव से होना चाहिए, प्रभाव से नहीं . "

राम सिंह - चुनाव सुधार के लिए पार्टियों को मिले वोट के आधार पर अनुमानित प्रतिनिधि भेजने का प्रयास होना चाहिए. उदाहरण यदि किसी पार्टी को 20% वोट मिलते हैं तो उसे 20% प्रतिनिधि भेजने की अधिकता हो.

रेखा पाण्डेय - मंहगा चुनाव आज की बड़ी समस्या है. इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए. देश का भ्रष्टाचार आधा कम हो जाए यदि चुनाव पर धनवर्षा न की जाए, मेरे विचार से डिजिटल मीडिया के या सोशल मीडिया के  माध्यम से चुनाव प्रतिनिधि का बायोडाटा पेश किया जाए और लोग शांतिपूर्वक अपने विवेक से वोट देने जाएँ.

खुर्शीद आलम - जनमेला बहुत जरूरी है, उम्मीदवार के बारे में सही जानकारी मिल सके और अच्छा ईमानदार संघर्षशील प्रतिनिधि चुन सके.

अंकित कुमार - जनमेला बेहद जरुरी है क्यूंकि इससे उम्मीदवार के बारे में सही जानकारी मिल पाएगी, और अच्छा ईमानदार प्रतिनिधि के चुनाव में आसानी होगी.

श्याम जी शुक्ला - लोकतंत्र की सफलता हेतु यह आवश्यक है की निर्वाचन आयोग को और अधिक शक्ति मिलनी चाहिए. चुनावी खर्च निर्वाचन आयोग की ओर से होना चाहिए या मिलना चाहिए. प्रत्याशी अपनी तरफ से कोई पैसा खर्च नहीं कर सकते. 

प्रशांत शर्मा - जब जननायक (आज के नेता ) चुनाव पर भारी रकम खर्च कर सकते हैं तो जननायक से जनमेला को आगे बढ़ाने और जनमेला में भीड़ लाने के लिए भी जननायक की पूरी मदद लेनी चाहिए क्योंकि सबकी सहमती आवश्यक है.

कमल श्रीवास्तव - जनमेला ना होने के कारण आज लोग हर पार्टियो से ठगा हुआ महसूस करते हैं. 

दीप्ति सचान - यह एक अच्छा प्रयास है ,प्रयासों से ही कामयाबी मिलती है. जनमेला के माध्यम से अपने विचार देकर और दूसरों के विचारों को सुनकर चुनावों के और क्या-क्या सुधार किये जा सकते हैं इस पर समय-समय पर चर्चा परिचर्चा करना आवश्यक है.

आशीष कुमार प्रजापती - चुनाव में होने वाले खर्चे का पूरा विवरण दिया जाना चाहिए. जनता को चुनाव सम्बन्धी निर्देश, उम्मीदवारों की सही जानकारी, निष्पक्ष चुनाव का संचालन होना चाहिए.  

इन्द्रमणि दुबे - निर्वाचन आयोग ही यदि प्रत्येक उम्मीदवार का खर्च भारत सरकार से कराये तो निश्चित ही सुधार हो सकते हैं. 

जीतेन्द्र कुमार - जनमेला बहुत जरूरी है इसके माध्यम से उम्मीदवार के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी और अच्छा, ईमानदार उम्मीदवार मिल पायेगा जो विकास कार्य अच्छे से सम्पन्न कर सकें.

लालचंद्र के पटेल - चुनाव में प्रत्येक प्रत्याशी का खर्च सरकार खुद उठाये . 

प्रमोद कुमार सिंह - राजनेतिक दलों एवं निर्दलीय उम्मीदवारों का खर्च यदि सरकार उठाए तो निश्चिंत तौर पर कालाधन का प्रयोग रुक जाएगा. 

सौरभ कुमार त्रिपाठी - चुनाव में प्रत्येक प्रत्याशी का खर्च सरकार खुद उठाए.

आचार्य चंद्रभूषण तिवारी - जनमेला भारत की धरती पर होता ही रहता है अब केवल भीड़ व बाजार बनकर रह गया है. उद्देश्य पूर्ण के लीये प्रयास की आवश्कता है.

शहजाद खान - हमें यह सब समझ नहीं आता. हमारी पार्टी जो कहेगी हम वो करेंगे.

संजय श्रीवास्तव - मुझे लगता है जनमेला अपने बारे में और दूसरों के बारे में दोनों परिपेक्ष में जानकारी देता है. चुनाव को कम खर्च से किया जा सकता है उसके लिए जनमेला अधिक महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. उम्मीदवार मुफ्त में सामान देना बंद करें जैसे - कुकर, लैपटॉप आदि.

कृष्ण चन्द्र पांडये - महंगे चुनाव में सुधार के क्षेत्र में सर्वप्रथम - लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव एक साथ होने चाहिए. यदि 5 वर्ष से पहले प्रदेश की कोई सरकार गिर जाती है तो अन्य विकल्प होने चाहिए सरकार बनाने के यदि कोई लोकप्रिय सरकार नहीं बने तो राष्ट्रपति शासन के माध्यम से सांसद \ केंद्र सरकार को, वह प्रदेश चलाना चाहिए. किन्तु किसी भी दशा में प्रदेश में विधानसभा चुनाव नहीं कराना चाहिए. ऐसा करने से बहुत अधिक सरकारी धनराशी, समय बचेगा तथा उम्मीदवारों से किया गया खर्च व समय भी बचेगा. इस कार्य को करने के लिए जनमेला बनना चाहिए, क्यूँकी यह देश हित में है.

अमित कुमार यादव - There has to be some transparency in the system 

एम.के.सचान - Power consumption, the use of black money in  public life is a threat to the right democracy.

महेंद्र जतार्या - Mahendra Jatarya - Surely, during the election, big rallies and power are rained at the time of demonstrations and money. but it is also important to reach out to the mass group. That too with the tied time per time and giving equal status to all the parties. 

अतुल जैन - Power consumption, the use of black money in public life is a threat to the right democracy.

वेद प्रकाश सचान - It cannot be said that today's social media is being used in full use but it is almost impossible to rein in this era of today's globalization.

आशीष गुप्ता - Power consumption, the use of black money in public life is a threat to the rights democracy.

आशीष कुमार शर्मा - This sort of promotion should be stopped.

सरिता यादव - Ofcourse it is a danger to democracy but janmela can not totally stop promotion on social sites.

विकास मिश्रा - जी बिल्कुल लोकतंत्र की सुरक्षा की दृष्टि से इस तरह का प्रचार रूकना चाहिए.

ओ.पी.पाण्डेय - The candidates those who confuse the voters by spreading rumors should be lodged against those candidates. 

कमल किशोर मिश्रा - This think is very effective for people and this work properly doing so off course  they will consider a working day by day. 

उदित नारायण मिश्रा - This concept is  historical initiative .I hope this concept strongly work it.

संतोष सिंह गाह्मरी - All are need an important.

गगन दीप सिंह - Yes I agree with this concept of janmela.

गौरव पाण्डेय - None as of now... Let's see how this initiative goes.

वेंकटेश - Planning required for better results, support of public necessary.

प्रशांत सिंह - Good thought

प्राची - It is difficult to control huge black money involved during election. It requires not only an effort from side election commission, but also is a moral responsibility of contender. Janmela is great initiative to crab expensive election campaign but it has a long journey to go. 

रिषभ सोठा - There should be a maximum limit to the expenses for election campaign and election commission must have a proper surveillance on all types of political fundings and their sources

रिषिता - The problem is that dishonesty is very inherent in political parties... They would lie on every platform, be it janmela or otherwise...

समित कुमार मजुमदार - First the literacy rate of India should be increased. Also, as the population of India is so huge, it would be very difficult to implement but will definitely have positive impact.

विवेक अग्रवाल - This is a great concept and should be implemented in our country to reduce money power and to give equal chance to all the candidates. 

अनंत श्रीवास्तव - Lavish elections are contested on the cost of tax payers money and irony is tax payers don't know about the spending in elections. This vagueness and lack of transparency should be lifted and concepts like should be promoted to end slapdash use of tax payers' money and make it more transparent.

संजीव- Must be a part of this.

आदित्य कुमार गोंड - "Janmela is indeed a good innovation to organise this chaotic election campaign, however the methods you are suggesting are already in use so it’s quite difficult to convince the authorities. E.g. SP govt. in UP is using big LED screen. Vehicle which goes to every corner of the state and serves as mini 'Janmela' sort of thing, party workers distribute pamphlets of their candidate to every house in their constituency and then the print and electronic media serves the rest of the purpose, so why would a voter would go to a 'Janmela' .  The idea of cost cutting is appreciable but it needs more thoughts and innovation, something out of the box, merely organizing the existing system wouldn't serve the purpose."

रितिका नागर - It's a very good initiative to end corruption but at the same time it's needs lots of determination and time.

आयुष शर्मा - Concept is very unique and effective. Make the campaign process digitally. It will reduce the cost as well as  it’s is easy to implement.

नेहा ठाकुर - It is nice concept but will not take place soon as this big change could have some accepting problems. 

अमित गैरा - Source of money should be checked and expence must be controĺed.

प्रदीप बिरादर - I think all such expensive processes should be banned and instead of that programs like janmela or awareness workshops should be conducted. Moreover if the candidates don't want to go for janmela they can go on a village basis and conduct a conversation program where the candidate will first introduce himself and then get information about real ground level problems of the citizens so that voters will get the chance to interact with their representative face to face. Calling star Leaders from the party for campaigns is meaningless because he is not aware of local issues and also it costs a lot to arrange the logistic and venue and moreover they just give a hopping speech with most of the time alleging the opposite party or candidate  without addressing the real purpose.

ज्ञान सिंह यादव - nice thought

गौरव पाण्डेय - I think there is no need of things like this, I mean newspapers and media is enough cut may be more useful.

सामंथ गुप्ता - Such the experiment in Indians democracy are very tough job.

अंशुमान यादव - Some nearly impossible in Indian context.

सारथ चंद्र - Very difficult in India context, but it’s a really good idea, may be helpful.

अमित कुमार धुरिया - Indian Election are really very expensive, Indian election needs to be redesigned.

पवन पाल - Election in India are really expensive.

मिकेश - According to me it’s a very good initiative and needs to be promoted on a very large scale to completely  reform the system.

नवोदिता - I think elections should be made less expensive to contest... We may get better representatives for the country and the state.

नैनशी मिश्रा - Rallies should be close because this is waste of money.

नीरज श्रीवास्तव  - There is a special need to focus on election reform. The desire to do something good for the society, with being victimized for the candidate.

लोकेश शुक्ला - Janmela's thoughts are meaningful . It is common for the leaders to be more sympathetic towards them. i believe leader of the constituent assembly and parliament should be determined. only after the costly election can limit their limit’s. by the way, fundamentalism is spread in government offices. in this way, many reforms will start to appear in the society, as it will be curb. 

शकुंतला मिश्रा - Election can improve from janmela. There is a special need to pay attention as election reform. The desire to do something good for the society, along with being happy for the candidate, is absolutely essential.

सतेंद्र मिश्रा - There is a special need to pay attention as election reform. The desire to do something good for the society, along with being happy for the candidate, is absolutely essential.

रेशल अवस्थी - janmela town should be at a place far away from the city where more people can get together but no one can be disturbed by the noise and the crowd.

स्वाति श्रीवास्तव - Janmela should be a place where more and more people can get involved and get information about their candidate.

राम सिंह - Be the first to send representation as per the vote received by the first election reform parties.

वीरेंदर - Participation should be there.

गौरव बाजपाई - Poster banner and other bribes should not be used.

आशीष सिंह - Good. Should come in practice.

इशिता गुप्ता -  हां मेरे विचार से यह मुहिम अच्छी है. इससे हर एक उम्मीदवार को अपना हक रखने का पूरा मौका मिलेगा.

नेहा शर्मा -  यह एक अच्छी पहल है जनमेला से लोगों की मानसिकता अवगत होगी.

अनुराग राठौर - अभी कुछ कह नहीं सकते.

नौशाद आलम - चुनाव का टिकट उसको मिले जो राजनीति शास्त्र से अवगत हो.

मोहम्मद वसीम - जनमेला एक अच्छा कार्य है इससे काफी उम्मीदें बढ़ गई है. 

मालती - पैसा बर्बादी बंद होनी चाहिए.

बसंती मुखर्जी - जनमेला एक अच्छी अवधारणा है, हम सबको मिलकर इसके लिए काम करना पड़ेगा.

सुनीता - सभी जनमेला की अवधारणा को समझेंगे ऐसी उम्मीद है.

श्यामलता अग्निहोत्री - जनमेला सभी को समझना चाहिए यह बहुत ही जरूरी है चुनाव सुधार के लिए.

वीरेंद्र कुमार - ईवीएम फ्रॉड है, बैलट पेपर आना चाहिए.

हिमांशु निगम - लोगों को समझना होगा वरना चुनाव की प्रक्रिया ऐसे ही चलती रहेगी.

प्रज्ञा सिंह - जनमेला चुनाव सुधार के लिए एक अच्छा विकल्प लगा, इसको और आगे बढ़ाया जाए.

चंदन तिवारी - जनमेला को पारित होना ही पड़ेगा.

गोपाल सिंह - जागरुकता आएगी जनमेला से. 

राजेश - जनमेला हर व्यक्ति के शहर देश के हित में है.

माया राम - आगे बढ़ाएं इस मुहिम को हमारा साथ है.

त्रिलोचन सिंह - यह मुझे बहुत पसंद आया. हमें अपने जनप्रतिनिधि के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए. यह बहुत अच्छी मुहिम है.

राजेश कुमार गुप्ता - वोटर आई कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कर देना चाहिए और मतदाता ऑनलाइन भी वोट कर सके. चुनाव के खर्चे और कम कर देनी चाहिए.

राकेश खन्ना - चुनाव महंगे होने की वजह से जनता परेशान है.

राजेश‌ बाजपेई - जनमेला अच्छा लगा. होनी चाहिए. सुझाव अच्छा होना चाहिए. 

संतोष कुमार - इसे और अच्छे तरीके से पेश किया जाए ताकि सभी को पता चले कि देश में क्या हो रहा है और सत्ता में आने के बाद क्या होता है. मुहिम अच्छी नहीं बहुत अच्छी है पर जहां तक साथ देने की बात है कम लोग साथ देंगे. लेकिन इस मुहिम की तारीफ की जानी चाहिए. मेरी तरफ से शुभकामनाएं.

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समाज एवं राष्ट्र, जहाँ लोग कुछ समय अपनी संस्कृति, सभ्यता, अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझने एवं सँवारने में लगाते हैं। एक सोची समझी, जानी बूझी आवाज़ और समझ रखते हैं। वही देश संसार में विशिष्टता और प्रभुत्व स्थापित कर पाते हैं।
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