Ramrepur, Ward 35 (Varanasi)
Pisaur(Varanasi--221003)About this research
भारत की धार्मिक एवं सांस्कृतिक राजधानी मानी जाने वाली वाराणसी नगरी को दो पवित्र नदियों यानि वरुणा और असी का संगम कहा जाता है, अथार्त वह स्थान जहां ये दोनों नदियां आकर मिलती हों “वाराणसी” के नाम से जाना गया. इसी पावन वरुणा नदी के किनारे बसा है रमरेपुर वार्ड. वाराणसी की वरुणापार जोन में स्थित सारनाथ सबजोन के अंतर्गत आने वाला रमरेपुर वार्ड तकरीबन 3.5 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है.

मिली जुली आबादी वाले इस वार्ड में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 18,000 के आस पास जनसंख्या का निवास है, वहीँ स्थानीय पार्षद के अनुसार वर्तमान में यहां की जनसंख्या लगभग 40,000 है. इस वार्ड में आने वाले प्रमुख आवासीय क्षेत्रों में काशी एन्क्लेव, जेडी नगर, संजय नगर, बसंत विहार, विवेकानंद नगर, बजरंग नगर, छोटा लालपुर, शांतिपुरम, काला नगर, कालीधाम नगर, अनौली गांव, संकट नगर इत्यादि आते हैं. साथ ही यहां कुछ हिस्सा मलिन बस्ती क्षेत्र से भी घिरा हुआ है.

इस वार्ड में पार्षद के तौर पर भारतीय जनता पार्टी से संदीप श्रीवास्तव कार्यरत हैं तथा वर्ष 2017 से जन प्रतिनिधि के रूप में स्थानीय विकास कार्यों में संलग्न हैं. इस वार्ड में जीविका के साधन मिले जुले हैं, यानि यहां व्यापारी वर्ग, छोटे लघु-कुटीर उद्योगों से जुड़ी जनता, छोटे व्यापार में संलग्न लोगों के साथ साथ नौकरीपेशा जनता का भी निवास स्थान है, जिसमें सरकारी एवं प्राइवेट दोनों ही सेक्टर से जुड़े लोग सम्मिलित हैं.

जनता की मौलिक सुविधाओं के तौर पर देखा जाये तो इस वार्ड में अच्छे स्कूलों, बड़े अस्पतालों, बैंकों, एटीएम, पार्कों, इत्यादि का अभाव है. यहां शिक्षा सुविधा के रूप में एकमात्र विद्यालय तिसारिया प्राइमरी स्कूल है. वार्ड में पहाड़िया नवी मंडी व्यवसायिक क्षेत्र है, जहां से स्थानीय निवासी रोजमर्रा की आवश्यकताओं का सामान लेते हैं. साथ ही वार्ड में मौजूद मां मेहर का मंदिर भी काफी प्राचीन माना जाता है.

वार्ड की प्रमुख समस्याओं की बात की जाये तो स्थानीय पार्षद के अनुसार, उनके पार्षद बनने से पहले उनका वार्ड कई समस्याओं से ग्रस्त था. वार्ड में बिजली, पानी, सीवर, रोशनी आदि की उचित व्यवस्था नहीं थी. पार्षद बनने के बाद से वह इन सभी मुद्दों पर कार्य करा रहे हैं, किन्तु अभी भी कुछ ऐसी कॉलोनियां हैं, जिनमें विकास कार्य बाकी है. वहीं पेयजल व सड़कों के नवीनीकरण की समस्या अभी भी बनी हुई है, जिस पर वह संबंधित अधिकारियों से बात करके अपने स्तर से कार्य करा रहे हैं.

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