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बाल्मीकि नगर, बिहार  : जुडियें बिहार के 'कश्मीर' से

बाल्मीकि नगर, बिहार : जुडियें बिहार के 'कश्मीर' से

Rampurwa(Pashchim Champaran--845107)
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बाल्मीकि नगर विधानसभा क्षेत्र बिहार के बाल्मीकि नगर संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है. यह लोकसभा सीट 2002 के परिसीमन के बाद 2008 में पहली बार अस्तित्व में आई थी. इससे पहले यह सीट बगहा के नाम से जानी जाती थी. परिसीमन के बाद जब यहां पर साल 2009 में पहली बार चुनाव हुए तो JDU के बैधनाथ प्रसाद ने जीत हासिल की थी. इस संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की छह सीटें आती हैं, जिनमें बाल्मीकि नगर, रामनगर, नरकटियागंज, बगहा, लौरिया व सिकता शामिल हैं.
  
इस विधानसभा क्षेत्र में पिपरासी, मधुबनी, ठकराहन, भीठा सामुदायिक विकास खंड,  वाल्मीकि नगर, लक्ष्मीपुर रामपुरवा, संतपुर सोहरिया, चंपापुरगौली, नौरंगिया दड़ारी, महुवा कथारवा, हरनाटांड़, बलुआ छतरौल, देवरिया तरुणवा, भर्राछी, बेलहावा मदनपुर, बकुली पंचगवा, बिनवालिया बोधसर, नयागांव रामपुर, मंगलपुर औसनी, सेमरा कटकुइया, यामुनापुर तदवालिया, जिमारी नौतनवा, सिधवा सीडी ब्लॉक का ढोलबजवा लक्ष्मीपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र सम्मिलित है. 
  
पश्चिमी चंपारण के प्रमुख पर्यटक स्थल के रूप में प्रसिद्द बाल्मीकिनगर को बिहार का "कश्मीर" माना जाता है. प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर इस स्थान के बारे में विख्यात है कि महाकाव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि ने यहां स्थित वाल्मीकि आश्रम में समय व्यतीत किया था और यहीं उन्होंने रामायण की रचना की थी. इसी आश्रम में माता सीता ने श्री राम के त्याग दिए जाने के बाद आश्रय लिया था और यहीं उनके दोनों पुत्रों "लव और कुश" का जन्म हुआ था. इसी आश्रम के नाम पर इस स्थान का नाम बाल्मीकि नगर पड़ा. गंडक नदी के किनारे बसा यह स्थान अपने रमणीक सौंदर्य के लिए जाना जाता है. 
  

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